झारखंड के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चप्पल पहनकर गार्ड ऑफ ऑनर लेते तस्वीर वायरल

झारखंड के नवनियुक्त मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में हेमंत चप्पल पहनकर गार्ड ऑफ ऑनर ले रहे हैं, जिस वजह से कुछ उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने परंपरा का पालन नहीं किया। फोटो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि रजरप्पा में चप्पल पहनकर गार्ड आफ ऑनर लिए जाने संबंधी तस्वीर को कुछ लोग मेरी सादगी से जोड़ रहे हैं तो कुछ यह कह रहे हैं कि उन्होंने चप्पल पहन कर गार्ड ऑफ ऑनर लेकर परंपरा का पालन नहीं किया। जबकि सच्चाई यह है कि पुलिस के जवान भाई मेरे इंतजार में बारिश में काफ़ी पहले से खड़े कर दिए गए थे। इसलिए वह जिस रूप में थे, उसी रूप में पहले उनका सम्मान कर उन्हें मुक्त करना आवश्यक समझा और दूसरी बात चप्पल जूतों का रिवाज अंग्रेजों द्वारा बनाई गई परंपरा है जिसे मैं नही मानता।

पिछले शासन द्वारा मुख्यमंत्री के हर दौर पर दिये जाने वाले सम्मान की परंपरा को जल्द से जल्द समाप्त करने को संकल्पित हूं। ताकि हमारे पुलिसकर्मी वीआईपी रूढ़िवादिता में समय व्यर्थ करने की जगह वो समय जनता की सेवा में लगा सके। सीएम हेमंत सोरेन ना सिर्फ अपनी सादगी को लेकर चर्चाओं में हैं, बल्कि उन्होंने जगह-जगह फूल मालाओं और बुके से होने वाले स्वागत को लेकर भी कहा है, इस तरह स्वागत करने के बजाय उन्हें स्वागत के तौर पर किताब भेंट की जाए जिससे वह काम आ सके।हेमंत सोरेन के इस पोस्ट को 6500 से ज्यादा कमेंट और 3000 से ज्यादा शेयर किया किया गया है।

हेमंत सोरेन के पोस्ट पर लोगों ने दिए रिएक्शन
आरजे अरविंद प्रताप ने लिखा,”सीएम साहब जिसने शासन की पुरानी परंपराओं को नहीं तोड़ा वह जननेता हो ही नहीं सकता और वैसे भी आपकी तो विरासत ही संघर्ष की बुनियाद पर खड़ी है। वेसे अभी तो आपको बहुत सारी कुपरंपराओं की बेड़ियां तोड़नी है।आपको सादगी मुबारक, हमारा आग्रह है कि आप केजरीवाल से भी ज्यादा जन सुलभ सीएम बनिये। एक ऐसा सीएम जिससे मिलने वाला एक आम से खास आदमी भी कभी खाली नहीं जाये। यकीन मानिए जनता के जिन अपेक्षाओं के कंधों पर चढ़कर सुबे के आप सरताज़ बने हैं, वह सदैव कायम रहेगा। विनोद कुमार रवि ने लिखा है कि बहुत सराहनीय कार्य है। इसका सम्मान किया जाना चाहिए। लोग अपनी पोशाक के चक्कर में संपत्ति बर्बाद करते हैं। आप बिल्कुल सही हैं। इतिहास में कई हुए हैं, जिन्होंने पोशाक का ध्यान न रखकर जनहित के काम किए हैं। जिनको आज भी हम आदरणीय मानते हैं। आप सही हैं, लोगों को छोड़िए लोगों का काम है कहना।

पुलिसकर्मी शेखर सैनी ने लिखा कि कल तक तो मैं भी यही बात सोच रहा था सर, कि आपने चप्पल में गार्ड ऑफ ऑनर क्यों लिया क्योंकि मैं भी एक पुलिसकर्मी हूं, इसलिए यह बात मुझे पता थी पर आज आपकी बात, आपकी सादगी और पुलिस के प्रति आपकी सोच के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। वो दिन दूर नहीं जब आप झारखंड की गद्दी के साथ-साथ जनता के दिलों पर भी राज करेंगे। प्रदीप कुमार ने लिखा कि सीएम साहब आपने किसी परंपरा को तोड़ा नहीं है, बल्कि गौरवपूर्ण परंपरा को बनाया है और झारखंड की जनता आप से यही अपेक्षा रखती है। आने वाले समय में पूरा देश आपके जैसे नेतृत्व पर गर्व करेगा और आप भारत के नेतृत्व में उदाहरण के रूप में पेश किए जाएंगे। गौरतलब है कि हेमंत सोरेन झारखंड के 11 वें मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने 29 दिसंबर 2019 को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। झारखंड में बीजेपी को पटखनी देने के बाद झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन ने सरकार बनाई है। इस गठबंधन ने झारखंड विधानसभा चुनाव में 81 सीटों में से 47 सीटों पर कब्जा जमाया। जिसमें झामुमो ने 30, कांग्रेस ने 16 सीटें और राजद ने 1 सीट जीती। झाविमो ने भी इस गठबंधन को अपना समर्थन दिया है।

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