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राजस्थान 112 बच्चों ने तोड़ा दम, लेकिन मंत्री के स्वागत के लिए इलाज भूल बिछाया ग्रीन कारपेट

जेके लोन अस्पताल में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जनवरी तक इस अस्पताल में करीब 112 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शुक्रवार को इस अस्पताल का दौरा करने वाले थे। उनके स्वागत में ग्रीन कारपेट बिछा दिया गया पर मीडिया को देख कर उसे तुरंत हटा दिया गया। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि मंत्री के दौरे से पहले अस्पताल की पुताई भी कराई गई और वार्ड में सफाई की गई। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने राजस्थान के कोटा के एक अस्पताल में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत पर वहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को शर्मनाक कहा है और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनकी जगह किसी और को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है।

बसपा प्रमुख ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राजनीतिक और असंवेदनशील बयान बाजी करना शर्मनाक है।कांग्रेस नेताओं द्वारा मामले पर सिर्फ नाराजगी जताना ही काफी नहीं है बल्कि गहलोत को तुरंत बर्खास्त कर किसी और को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। नहीं तो वहां और बच्चों की भी मौत हो सकती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अपनी कमियों को छिपाने के लिए गैर जिम्मेदाराना राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा कोटा जाकर मृतक बच्चों की माताओं से नहीं मिलती है यहां अभी तक किसी भी मामले में उत्तरप्रदेश पीड़ितों के परिवार से मिलना केवल राजनीतिक स्वार्थ व कोरी नाटक बाजी ही मानी जाएगी। जिससे उत्तर प्रदेश की जनता को सतर्क रहना है।

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा था कि हम इससे दु:खी हैं। बच्चों को चिकित्सा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।कई बच्चे गंभीर हालत में लाए गए थे। बीजेपी चाहे तो ऑडिट कर सकती है। जो भी बच्चे बचने की हालत में थे, हमने उन्हें बचा लिया है। वहीं इस मामले में केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाई है और विशेषज्ञों की टीम को कोटा भेजने का फैसला लिया है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राजस्थान सरकार को अतिरिक्त मदद का आश्वासन भी दिया है। बता दे कि कोटा अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है और दिसंबर महीने में यह आंकड़ा 100 पार हो गया।

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