ननकाना साहिब पर हमला, लोगों ने पूछा इमरान का दोस्त नवजोत सिंह सिद्धू कहां है?

पाकिस्तान स्थित सिक्खों के पवित्र स्थल गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर हमले को लेकर देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सिक्ख समुदाय के लोग ही नहीं दूसरे समुदाय के लोग भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं। खासकर सोशल मीडिया पर ननकाना साहिब के घटना का वीडियो शेयर कर यूजर्स अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। ननकाना साहिब में हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिद्धू पर जमकर निशाना साध रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और शिरोमणि अकाली दल ने घटनाक्रम पर चिंता जाहिर की है। लेकिन अभी तक कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू का कोई बयान सामने नहीं आया है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरूण चुघ के साथ यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक स्थानों पर हिंसा की घटनाएं लगातार हो रही हैं और दशकों से अल्पसंख्यकों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। पाकिस्तान में गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर हमले की निंदा करते हुए मीनाक्षी लेखी ने शनिवार को कहा, “कि उन्हें नहीं पता कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू कहां भाग गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि इस घटना के बाद सिद्धू ISI प्रमुख से गले मिलेंगे अथवा नहीं।” पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुई हिंसा मामले में भारत में भी काफ़ी आक्रोश देखा जा रहा है। इस मामले में भारत में कई जगह विरोध किया जा रहा है। वहीं अब भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठा दिए हैं। बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। मीनाक्षी लेखी ने कहा, “ननकाना साहिब का बड़ा महत्व है क्योंकि यह बाबा नानक का मंदिर है और दुनिया भर के सिक्खों के लिए महत्वपूर्ण है। बाबा नानक का जन्म यहीं हुआ था। यह सिक्ख धर्म का पवित्र स्थल है।”

लेखी ने कहा पाकिस्तान में धार्मिक स्थानों और अल्पसंख्यकों पर लगातार हिंसा की घटनाएं होती आई है। यहां दशकों से अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का हनन किया गया है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का धर्म परिवर्तन भी कराया जाता रहा है। लेखी ने पाकिस्तान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने इस बात की भी धमकी दी है कि ननकाना साहिब का नाम बदलकर गुलाम-ए-मुस्तफा कर दिया जाएगा। वह भी 21वीं सदी में, ये तो पाकिस्तान के हालात हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हजारों सबूत है जब यहां युवा लड़कियों को उठाया गया। उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और मुस्लिम लड़कों से शादी कराई गई। वहां पुलिस, सरकार और अन्य एजेंसियां इस प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि ननकाना की घटना दिखाती है कि वहां किस तरह से अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान बनने के बाद से ही लगातार उत्पीड़न जारी है। जिससे उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यक भारत आने के लिए बाध्य हैं। यह न केवल CAA जैसे कानूनों को उचित ठहराता हैं बल्कि उसे तुरंत लागू करने की आवश्यकता पर भी बल देता है। पाकिस्तान ने साबित कर दिया है कि CAA सही है और इसे समय पर लाया गया है।” उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और वहां के समाज को समझना चाहिए कि पाकिस्तानी सिक्ख उस धरती के पुत्र हैं और वहां की धरती के प्रति उनका सम्मान जारी है।”

लेखी ने ननकाना साहिब को सिक्खों का सबसे पवित्र स्थल बताते हुए कहा कि इस पर हमला काबा या यरुशलम पर हमले की तरह है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, “ननकाना साहिब पर हमला निंदनीय है और उसकी खुलकर निंदा करनी चाहिए। धर्मांधता खतरनाक है और यह बहुत पुराना जहर है जिसकी कोई सीमा नहीं होती। प्रेम, परस्पर सम्मान और समझ ही इस जहर को खत्म करती है।” राहुल गांधी ने पाकिस्तान में ननकाना साहिब पर भीड़ के कथित पथराव और नारेबाजी की घटना की निंदा करते हुए शनिवार को कहा कि परस्पर सम्मान और प्रेम की बदौलत ही धर्मांधता के जहर को खत्म किया जा सकता है। बीजेपी ने शनिवार को दिल्ली में इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा, “सिद्धू ने इस घटना पर अभी तक बयान क्यों नहीं जारी किया है। सिद्धू को पाकिस्तान के वीजा और पासपोर्ट के साथ पाकिस्तान भेज देना चाहिए। सिद्धू पाकिस्तान जाएं और अपने मित्र दोस्तों से मिलें।”

गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कैबिनेट से इस्तीफा दिए 6 महीने से भी ज्यादा समय हो गया है। मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से सिद्धू ने चुप्पी साध रखी है। हाल ही में वह ननकाना साहिब के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। नवजोत सिद्धू की चुप्पी से पंजाब कांग्रेस को कोई असर नहीं पड़ रहा हो, लेकिन ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुए हमले के बाद उनकी चुप्पी पर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई है। बता दें कि सैकड़ों की भीड़ ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पत्थरबाजी की थी। भीड़ की पत्थरबाजी की सूचना पर गुरुद्वारे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जिसके बाद से ही वहां तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। पाकिस्तान ने शुक्रवार को घटना पर कहा कि सिक्ख धर्म के संस्थापक गुरु नानक के जन्म स्थान को ना छुआ गया है और ना ही किसी प्रकार की कोई तोड़फोड़ की गई है। भीड़ बाहर थी, गुरुद्वारे पर हमले की बात गलत है।

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