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कड़ी चुनौती से लड़कर बनी देश की सबसे युवा पायलट आयशा अजीज!

श्रीनगर : आज महिला भी आदमियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कोई भी फील्ड हो आज देश की महिलाओं ने साबित कर दिखाया है कि वे भी देश और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि पिछले कई दशकों में महिलाओं ने हर बड़ी से बड़ी चुनौती को मात देते हुए। हर फील्ड में अपना लोहा मनवाया है।

आज हम आपको एक ऐसी युवा की जानकारी देने जा रहे हैं जिन्होंने न बड़ा मुकाम हासिल किया बल्कि अपने काबिलियत के चलते देश की सबसे युवा पायलट भी बनी है। दरअसल, कश्मीर कई तरह के विवादों और अपनी सुंदरता के लिए पूरे विश्व में पहचाना जाता है। यही जन्मी 25 साल की आयशा अजीज इन दिनों महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी हुईं हैं। बता दें कि अजीज देश की सबसे युवा महिला पायलट है।

वहीं अजीज का कहना है कि, कश्मीर की महिलाएं लगातार प्रगति कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे इस काम में आने वाली चुनौतियों को लेकर खुश हैं। हैरानी की बात तो यह है कि अपनी कड़ी मेहनत और काबिलियत के चलते साल 2011 में अजीज को लाइसेंस मिल गया था। उस समय उनकी उम्र महज 15 साल की थी। अजीज यह लाइसेंस पानी वाली सबसे युवा छात्र थीं।

कम उम्र से था शौक

वहीं इसके बाद अजीज ने रूस में हुई सोकोल एयरबेस MIG-29 की ट्रैनिंग में शामिल हुई, इसके बाद उन्होंने बॉम्बे फ्लाइंग क्लब से ग्रेजुएशन की और 2017 में कमर्शियल लाइसेंस हासिल कर लिया था। अजीज ने कहा कि कम उम्र से ही सफर के शौक के चलते उन्होंने यह फील्ड चुनी है। वे कहती हैं कि पायलट बनने के लिए आपका दिमागी तौर से मजबूत होना बहुत जरूरी होता है।

अजीज ने कहा कि, ‘मैंने यह फील्ड इसलिए चुनी क्योंकि मुझे कम उम्र से ही सफर करना बहुत पसंद था और उड़कर काफी रोमांचित हो जाती थी। इस काम में आपको कई लोगों से मिलने का मौका मिलता है। इसलिए मुझे पायलट बनना था।’ उन्होंने कहा कि ‘यह थोड़ा चुनौतीभरा है क्योंकि यह आम 9-5 वाली नौकरी नहीं है। इसमें कोई तय पैटर्न नहीं है, मुझे लगातार नई जगहों, लोगों से मिलने और अलग-अलग तरह के मौसम का सामना करना पड़ता है।’

उन्होंने आगे कहा कि ‘मुझे लगता है कि कश्मीरी महिलाएं बहुत अच्छा काम कर रही हैं। खासतौर से शिक्षा के क्षेत्र में। कश्मीर की हर दूसरी महिला मास्टर्स या डॉक्ट्रेट कर रही है।’ अजीज ने कहा कि घाटी के लोग बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। इस काम में समय और माहौल को लेकर उन्होंने कहा कि वे इन चुनौतियों का सामना करने को लेकर खुश थीं। उन्होंने इस दौरान अपने माता-पिता का आभार जताया।

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