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Sunday, November 28, 2021

भीख में मिली आजादी वाले बयान पर सियासत हुई तेज, कंगना रनौत से वापस लिया जा सकता है पद्मश्री अवार्ड?

हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री कंगना रनौत को हाल ही में देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया बता दें कि उनके साथ और भी बॉलीवुड के कलाकारों को पद्मश्री अवार्ड दिया गया इस सम्मान को पाने के बाद से ही सभी कंगना रनौत की जमकर तारीफ कर रहे हैं और उनकी कामों की सराहना कर रहे हैं। लेकिन इस अवार्ड को मिलने के बाद अब कंगना रनौत अपने एक बयान के लिए काफी ज्यादा चर्चाओं में चल रही है।

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Kangana Ranaut Latest 1

बता दे कि हाल ही में उन्होंने समाचार चैनल को एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कई सारे बातें की इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने इंटरव्यू में देश की आजादी को लेकर भी काफी कुछ कह दिया जिसकी वजह से अब वह खूब चर्चाओं में चल रही है। इतना ही नहीं विपक्ष ने तो उन पर अब कई तरह के आरोप भी लगा दिए हैं और पद्मश्री सम्मान वापस लेने को कहा है।

दरअसल, चैनल से बात करते हुए कंगना ने कहा कि साल 1947 में आजादी नहीं भीख मिली थी असली आजादी तो साल 2014 में मिली है। उनका यह वीडियो केवल 24 सेकंड का है जिसकी वजह से वह काफी ज्यादा चर्चाओं में चल रही है। उनका यह विवादित बयान फैंस को पसंद नहीं आ रहा है जिसकी वजह से अब कंगना रनौत पर कई तरह के एक्शन भी लिए जा रहे हैं बता दें कि उनके खिलाफ मामला भी दर्ज हो चुका है। वहीं इस पर कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने पलटवार करते हुए कहा है कि कंगना को अपने इस बयान के लिए सभी देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।

इतना ही नहीं कांग्रेस प्रवक्ता ने तो यहां तक कह दिया कि कंगना से उन्हें मिला पद्म श्री सम्मान भी वापस ले लेना चाहिए इतना ही नहीं उनका कहना है कि इस बयान से उन्होंने देश को आजादी दिलवाने वाले सुभाष चंद्र बोस चंद्रशेखर आजाद जैसे सभी क्रांतिकारियों का अपमान किया है। इतना ही नहीं कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के मानसिकता वाले लोगों को सरकार पद्मश्री सम्मान देकर बढ़ावा दे रही है उनका कहना है कि कंगना के इस बयान से उन सभी लोगों का अपमान हुआ है जिन्होंने निस्वार्थ देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दे दिया।

भारत सरकार को ऐसी महिला से पद्मश्री सम्मान वापस लेना चाहिए जिसने महात्मा गांधी, सरदर पटेल, सुभाष चंद्र बोस, पंडित नेहरू, सरदार भगत सिंह का अपमान किया है। ऐसे लोगों को पद्मश्री देने का मतलब है कि सरकार इस तरह के लोगों को बढ़ावा दे रही है।
गौरव वल्लभ, कांग्रेस प्रवक्‍ता
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