भावुक पोस्ट: शहीद अक्षय की पत्नी ने लिखा भावुक पत्र अब तक नहीं धोई उनकी वर्दी, जब

सीमा पर तैनात जवान हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान तक की बाजी लगा देते हैं। ताकि हम अपने घरों में बैठकर सुकून की जिंदगी जी सकें। लेकिन उनके अपनों की जिंदगी हमेशा सिर्फ इंतजार में रहती है। सीमा पर रहने वाले कई जवान हर साल शहीद होते हैं। उसके बाद उनके परिवार का क्या होता होगा इसका अंदाजा भी हम नहीं लगा सकते। इतना ही नहीं शहीद की पत्नी ने जिस बेबाकी के साथ इस कहानी को बताया इससे हर किसी का दिल पसीज जाएगा। जम्मू कश्मीर के नगरोटा में हुए आतंकी हमले में मेजर अक्षय देश के लिए शहीद हो गए। उनके साथ 7 जवान भी शहीद हुए। मेजर अक्षय के शहीद होने के बाद उनकी पत्नी संगीता ने फेसबुक पर भावुक पोस्ट लिखा है। इस पोस्ट में उन्होंने प्रपोज से लेकर शादी तक और फिर बेबी के जन्म से लेकर शहीदी तक के सफर के बारे में बताया।

2011 में हुई थी शादी
संगीता लिखती है, “साल 2011 में हमारी शादी हुई और हम पुणे में रहने लगे। शादी के 2 साल बाद नैना ने जन्म लिया। सेना के काम से अक्षय बाहर चले गए। मेरे ससुराल वालों ने मुझे बेंगलुरु आने की सलाह दी लेकिन मैं वहीं रही। साल 2016 में अक्षय की जम्मू कश्मीर के नगरोटा में पोस्टिंग हो गई थी। मैं और मेरी बेटी वहां रहने चले गए थे। हमें घर अलाॅट नहीं हुआ था, इसलिए ऑफिसर्स मेस में ही ठहरे।

सुनाई दी गोली की आवाज
संगीता के अनुसार, “29 नवंबर की सुबह 5:30 बजे उन्हें गोलीबारी की आवाज सुनाई दी और उनकी आंख खुली शुरुआत में हमने अंदाजा लगाया कि यह ट्रेनिंग नहीं है। इतने में कुछ जूनियर हमारे पास आए और बोला कि आतंकियों ने तोप खाने की रेजीमेंट को बंधक बना दिया है। हमें जल्दी जाना होगा इसके बाद तुरंत सभी बच्चों और महिलाओं को एक कमरे में रखा गया था। इसके बाद हम लगातार फायरिंग सुन रहे थे। मैंने इस बारे में मेरी सास को मैसेज किया और ननद और सास से इस बारे में बातचीत होती रही।” दिन ढलता गया, शाम हो गई लेकिन उनकी कोई खबर नहीं आई। जब मैंने फोन किया तो किसी और ने फोन उठाकर कहा कि उन्हें दूसरी जगह भेज दिया गया है। शाम 6:00 बजे कुछ अफसर मुझसे मिलने आए और उन्होंने कहा हमने अक्षय को खो दिया।

शहीद हो गए मेजर
उन्होंने मुझसे कहा मैम हमने मेजर अक्षय को खो दिया है। उन्होंने कहा कि वह सुबह 8:30 पर ही शहीद हो गए थे। यह सुनकर मेरी दुनिया ढ़ह गई थी। मैं सोच रही थी कि काश! मैंने उन्हें अलविदा कर गले लगाया होता। काश! मैंने उनसे आखिरी बार कहा होता कि, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। लेकिन हम कभी भी चीजों को गलत नहीं होने की उम्मीद करते हैं। संगीता कहती है उन्हें मेजर अक्षय की वर्दी, कपड़े और सारी चीजें मिल गई। इन सारी चीजों को उन्होंने कई वर्षों से सहेज कर रख रखा है। संगीता लिखती है उनका रेजिमेंट जैकेट आज तक धोया नहीं है और जब मुझे याद आती है तो मैं इसे पहन लेती हूं। जिसमें अभी भी अक्षय की खुशबू आती है।

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