वायरल पोस्ट: पेरासिटामोल P-500 में खतरनाक वायरस होने की खबर से मचा हड़कम, सच बताया डॉक्टर्स ने कि….

भारत डॉक्टरों का देश है, अस्पतालों में इलाज करने वालों के अलावा भी बहुत से डॉक्टर होते हैं, पीएचडी वाले, मानद उपाधि वाले, मेडिकल स्टोर चलाने वाले और बाकी सब खराब राइटिंग वाले। इसके अलावा ओर दो तरह के डॉक्टर होते हैं। एक जो वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी लंदन से डिग्री लाते हैं और दूसरे वह जो अपना इलाज स्वयं करते हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें पेरासिटामोल-500 को खाने से मना किया जा रहा है। मैसेज में यह जानकारी दी गई है कि इसे खाने से मौत हो सकती है। जब इसकी पड़ताल की गई तो सच कुछ और ही सामने आया। व्हाट्सएप पर वायरल हुए इस मैसेज में साफ तौर पर लिखा है कि कृपया यह पेरासिटामोल ना खाएं और ना ही खरीदें जिस पर P-500 लिखा हो। इसमें एक जहरीला वायरस मौजूद पाया गया, जो दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में से एक है और यह जानकारी आगे सभी को भेजें।

पेरासिटामोल बुखार और दर्द के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक आम दवा है। कई बार लोग बिना डॉक्टर की पर्ची लिए भी इसे खाते हैं। तो क्या इस चक्कर में आप “विश्व का सबसे खतरनाक वायरस” निगल जाएंगे।इसके अलावा एक मैसेज यह भी आ रहा है कि एक महिला और एक युवक ने जब इस दवा का सेवन किया तो उन दोनों की पीठ पर लाल चकत्ते निशान थे।

हकीकत जानने के लिए मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के चीफ डॉक्टर बीवी पांडे से बात की तो उन्होंने इस मैसेज को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया, पेरासिटामोल में ऐसा कोई वायरस नहीं पाया जाता है। डॉक्टर ने यह भी कहा कि बिना किसी की सलाह के यह दवाई स्टोर से खरीदी जा सकती है, यह पूरी तरह सुरक्षित है। डॉक्टर पांडे ने बताया कि पेरासिटामोल over-the-counter मिलती है। इसे बिना प्रिसक्रिप्शन के भी खरीदा जा सकता है। यह सुरक्षित और अच्छी तरह टेस्टेड है। पड़ताल करने पर हमें मलेशिया सरकार द्वारा जारी किया गया एक लेटर पैड मिला जिसमें साफ लिखा है कि टेबलेट में किसी तरह का कोई वायरस नहीं है। इंडोनेशिया का फोटो ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन भी अधिकारिक बयान जारी कर वायरस होने की बात को खारिज कर चुका है।

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