अयोध्या फैसला: देश में शांति व्यवस्था के लिए जो नाम सबसे पहले आता है वह है अमित शाह

अयोध्या भूमि विवाद पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के आलोक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सतर्कता के कारण देश के किसी हिस्से में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने शनिवार को फैसले में विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को 3 महीने के भीतर एक न्यास का गठन करने और शहर में किसी प्रमुख स्थान पर मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने का आदेश दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को खुद कमान संभालते हुए सभी मुख्यमंत्रियों से बात कर अपने राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। शाह ने अधिकारियों को राज्य में शीर्ष अधिकारियों के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहने का निर्देश दिया। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी हिस्सा लिया। राज्यों में शीर्ष अधिकारियों के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहने का निर्देश दिया।

गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को एक परामर्श जारी कर उनसे सभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती करने तथा निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। वहीं गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सुरक्षा मामलों में विशेष सचिव ने भी सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों से बात की। शनिवार को नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय में गृह सचिव से लेकर खुफिया ब्यूरो निदेशक समेत सभी संयुक्त सचिव मौजूद रहे। मंत्रालय के अधिकारी देश भर के हर इलाके से कानून व्यवस्था को लेकर सूचना एकत्र कर गृहमंत्री को अवगत करा रहे थे। सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर मुख्यमंत्रियों ने अमित शाह को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने का भरोसा दिलाया।

एक अधिकारी के अनुसार इस दौरान केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन के बीच पूरी तरह समन्वय था। अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्रियों को ग्रह मंत्री की ओर से फोन जाने के बाद पूरी प्रक्रिया सुचारू हो गई। शाह ने मुख्यमंत्रियों से हमेशा सावधान और चौकन्ना रहने की अपील की। गृहमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना उन्हें तत्काल देने के लिए कहा और जरूरत पड़ने पर हर संभव केंद्रीय सहायता देने का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृहमंत्री की सतर्कता से मुख्यमंत्रियों को किसी भी स्थिति में पूर्ण शांति स्थापित करने में केंद्र सरकार की गंभीरता को समझने में मदद की। शाह की सूझबूझ से अप्रिय घटनाएं नहीं घटी।

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