28.2 C
India
Thursday, September 23, 2021

पूर्व CM वसुंधरा राजे को सुप्रीम कोर्ट का झटका, बंगला करना पड़ेगा खाली, अन्य सुविधाओं पर भी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सुविधाएं नहीं मिलने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान सरकार की LLP को खारिज कर दिया है। राजस्थान सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट के 4 सितंबर 2019 के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन दायर की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। साथ ही कहा की इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल देने का कोई आधार नहीं दिख रहा है। इसके चलते LLP को खारिज किया जाता है। राजस्थान हाई कोर्ट ने आज एक बड़ा निर्णय देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को झटका दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगले और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा सकती हैं। ऐसे में वसुंधरा राजे को पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में मिला बंगला खाली करना पड़ेगा। अदालत ने इसके साथ ही वसुंधरा सरकार द्वारा 2017 में लाए गए राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन 2017 को भी अवैध घोषित कर दिया गया है।

- Advertisement -

अधिनियम में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला, आईएएस रैंक का प्राइवेट सेक्रेट्री समेत स्टाफ और कार जैसी सुविधाएं दी गई हैं। अब हाईकोर्ट ने इस अधिनियम को रद्द कर कहा कि पूर्व सीएम को कोई सुविधा नहीं दी जा सकती है, नहीं सरकारी बंगला। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराराजे और जगन्नाथ पहाड़िया पर असर पड़ेगा। फिलहाल दोनों नेताओं को पूर्व मुख्यमंत्री सुविधाएं राजस्थान सरकार की ओर से दी जा रही हैं। राजस्थान में भाजपा के तत्कालीन सरकार के दौरान राजस्थान मंत्री वेतन अधिनियम 1956 में संशोधन कर राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन नियम 2017 के तहत बंगला, टेलीफोन समेत कई सुविधाएं पूर्व मुख्यमंत्रियों को देने का विधेयक विधानसभा में पारित किया गया था।

इसके मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री को एक सरकारी बंगला, कार, पूर्व सीएम या उसके परिवार के लिए राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को बतौर निजी सचिव नियुक्त करने सहित नो कर्मचारियों का स्टाॅफ शामिल है। राजस्थान हाईकोर्ट ने मिलापचंद डांडिया की याचिका पर राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन अधिनियम 2017 को असंवैधानिक व शून्य करार दिया था। इसके तहत सरकार को पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को वापस लेना था इसके चलते पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली आजीवन बंगला, टेलीफोन, कार ,ड्राइवर स्टाफ समेत अन्य सुविधा पर रोक लग गई थी।

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

112,451FansLike
1,152FollowersFollow
13FollowersFollow

Latest Articles

error: Content is protected !!