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दिल्ली में 21 साल से सत्ता से दूर है BJP, वापसी कितनी आसान, कितनी कठिन – नज़रिया

दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। BJP दिल्ली की सत्ता से पिछले 21 साल से दूर है और पार्टी इस बार अपने सियासी वनवास को खत्म करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी जहां अपने कामकाज के सहारे सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए हुए है तो BJP सरकार के काम और प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे को भुनाने की कवायद में है। अब देखना है कि BJP सत्ता में वापसी कर पाती है या नहीं। दिल्ली में विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा हो गई है। दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी जहां अपने कामकाज के सहारे सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए हुए है वह BJP केंद्र सरकार के काम और प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे को भुनाने में जुटी है।

दिल्ली में 6 महीने पहले ही लोकसभा चुनाव की जंग केजरीवाल बनाम मोदी की हुई थी। आम आदमी पार्टी को इसमें जबरदस्त नुकसान हुआ था। दिल्ली की सभी सातों लोकसभा सीटें BJP जीतने में कामयाब रही थी और आप का दिल्ली में खाता भी नहीं खुला था। यही वजह है कि इस बार विधानसभा चुनाव में केजरीवाल इसे बचाने में जुटे हैं तो BJP मोदी बनाम केजरीवाल जंग की बिसात बिछा रही है।

लोकसभा चुनाव में BJP को मिले थे 56.6% वोट
BIP ने 2019 लोकसभा में जिस तरह सबसे ज्यादा 56.6% वोट हासिल कर विपक्ष का पूरी तरह सफाया कर दिया था। BJP इस नतीजे को विधानसभा चुनाव में दोहराना चाहती है। इसलिए लोकसभा चुनाव के बाद ही BJP ने दिल्ली की सत्ता में वापसी के कठिन लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्लान बनाकर काम करना शुरू कर दिया है। दिल्ली चुनाव में BJP का पूरा फोकस अपने वोट फीसदी को बढा़ने पर है। 2015 के विधानसभा चुनाव में BJP 32.3 वोट पाकर महज 3 सीट जीत सकी थी। जबकि आम आदमी पार्टी को सत्ता से बेदखल करने के लिए BJP अपने 32.3% के वोट को आगे बढ़ाने की कोशिश में है ताकि लोकसभा चुनाव की तरह दिल्ली में कमल खिलाने में वह कामयाब रहे।

दिल्ली में BJP का चेहरा कौन?
केजरीवाल लगातार सवाल उठा रहे हैं कि दिल्ली में BJP का चेहरा कौन है। BJP आम आदमी के इस ट्रेप में अभी तक फंसती नजर आ रही है। इसी के मद्देनजर BJP दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के सामने अभी तक मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया है। हालांकि दिल्ली में BJP के सहप्रभारी केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने एक बार दिल्ली BJP प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के नाम को आगे किया था, लेकिन कुछ देर बाद ही वह पलट गए थे। अरविंद केजरीवाल सरकारी स्कूल में शिक्षा, अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक, फ्री बस यात्रा, 200 यूनिट फ्री बिजली आदि जेसे मुद्दे पर खेल रही है तो BJP कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने के सहारे दिल्ली के लोगों का दिल जीतना चाहती है। साथ ही BJP नागरिकता संशोधन कानून, राम मंदिर और राष्ट्रवाद के मुद्दे को लेकर मैदान में है। दिल्ली में शहरी मतदाताओं के होने के चलते BJP को उम्मीद है कि उनका राष्ट्रवाद का मुद्दा काफी प्रभावी साबित हो सकता है। बता दे, निर्वाचन आयोग ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 8 फरवरी को होगा और मतगणना 11 फरवरी को होगी। इसके साथ ही दिल्ली में चुनाव में आचार संहिता लागू हो गई है।

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