अचानक लगा शिवसेना को बड़ा झटका, सही वक्त पर नहीं बन पाई महाराष्ट्र में सरकार, तो…

राष्ट्रपति शासन के बीच महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के लिए खींचतान जारी है। कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना के नेताओं ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार कर लिया है।शिवसेना चाहती थी कि 17 नवंबर को महाराष्ट्र में सरकार का गठन हो जाए, क्योंकि इस दिन शिव सेना के संस्थापक बाला साहब ठाकरे की पुण्यतिथि है। एनसीपी मुखिया शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि हम राज्य में स्थिर सरकार देंगे। पवार ने यह जवाब उन लोगों को दिया जो कह रहे कि बेमेल गठबंधन की सरकार ज्यादा नहीं चलेगी।

शिवसेना का ही सीएम
अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा क्योंकि मुख्यमंत्री पद की मांग को ही लेकर शिवसेना ने भाजपा के साथ तीन दशक पुराना रिश्ता तोड़ा है।एनसीपी के नवाब मलिक ने कहा कि हम सरकार बनाने के लिए सही दिशा में बढ़ रहे हैं।

हिचक रही कांग्रेस
शिवसेना सरकार में कांग्रेस शामिल होगी या बाहर से समर्थन देगी इसका फैसला जल्द होगा। हमने न्यूनतम साझा कार्यक्रम की कॉपी कांग्रेस आलाकमान के पास भेज दी है। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि शिवसेना के साथ आने में कांग्रेस हिचक रही है। यदि कांग्रेस सरकार में नहीं शामिल होगी तो हम सरकार नहीं बनाएंगे।

भाजपा की कोशिश भी बरकरार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने शुक्रवार को कहा कि विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें हमें मिली है। राज्य में भाजपा की ही सरकार बनेगी। भाजपा नेताओं का दावा है कि कांग्रेस और एनसीपी के कई नवनिर्वाचित विधायक उनके संपर्क में है, दूसरी तरफ भाजपा भी सरकार बनाने की होड़ में शामिल है। अभी तक किसी भी दल या गठबंधन ने राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा नहीं पेश किया है।

25 साल तक नेतृत्व करेंगे उद्धव
संजय राउत ने कहा कि उद्धव 5 साल नहीं 25 साल तक राज्य का नेतृत्व कर सकते हैं। सरकार में किस दल को कितनी हिस्सेदारी मिलेगी, राउत ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि शिवसेना गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा कि तीनों दलों के नेताओं ने जो न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार किया है उसी अनुसार हमारी सरकार कार्य करेगी।

गौरतलब है कि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की कई बार बैठकें हो चुकी हैं। इतना ही नहीं शिवसेना का सीएम भी दिया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बस अब औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। बैठक में कॉमन प्रोग्राम के तहत सरकार गठन को लेकर समझौता हो चुका है इधर, बीजेपी की भी लगातार बैठकें हो रही है माना जा रहा है कि बीजेपी भी कभी भी सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश कर सकती। अब देखना यह है कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने में कौन सफल होता है और किसे सीएम की कुर्सी मिलती है।

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