दिव्यांग माता और नेत्रहीन पिता के श्रवण पुत्र अमन के घर पहुंचे मददगार, अमन ने कहा शुक्रिया

आज के समय में आपने शायद ही श्रवण कुमार बेटे के बारें में सुना हो। लेकिन हम आपको आज ऐसे ही एक श्रवण कुमार के बारें में बताने जा रहे है जो अपना फर्ज बखूबी निभा रहा है। कुंदरकी के अमन जिनकी उम्र सिर्फ 12 वर्ष है। अमन की माता दिव्यांग है पिता नेत्रहीन है। मंगलवार को जैसे ही स्थानीय लोगो को खबर लगी लोग उनकी मदद के लिए आगे आये और सरकारी प्रशासन ने भी अपनी मशीनरी उनकी मदद के लिए आगे कर दी। कोई रुपये लेकर आर्थिक मदद करने आया तो किसी ने इलाज कराने का वचन दिया।

मदद के लिए आगे आये हाथ

स्थानीय संगठन भी उनकी मदद को आगे आये और ठंड के लिए जरुरी सामान जैसे कम्बल व कुछ जरुरी कपड़े उपलब्ध कराये। पुरे दिन लोग अमन की मदद के लिए उनके पास पहुंचे और शाम होते होते तो जैसे उनके सारे दुःख ही दूर हो गए हो। शाम को मुख्यमंत्री ने ऐलान किया की प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। सरकार और स्थानीय लोगो के सहयोग को देखकर अमन और उनके परिवार ने नागरिकों, सरकार और संगठनों को धन्यवाद दिया।

अमन और उनके परिवार को वक़्त की ऐसी मार लगी पहले माता मीणा देवी तो दिव्यांग थी ही किसी इन्फेक्शन के कारण उनके पिता करण सिंह की आँखें भी चली गयी। जीवर यापन के लिए मज़बूरी में अमन को ही अपने नेत्रहीन पिता की मदद से सीमेंट ढोता है। अमन हैंडल पकड़ कर दिशा देता है तो पिता पीछे से धक्का लगते है। अमन की यह हृदयविदारक कहानी जैसे ही मंगलवार को नागरिको के सामने आयी सभी सहम गए। खबर पड़ते ही एसडीएम बिलारी प्रशांत तिवारी ने तुरंत लेखपाल मुशीर अहमद से बात की और अमन की के लिए उनके घर 10 हजार रुपये भिजवाए और राशन की व्यवस्था भी करवाई।

पुरे दिन कई लोग अमन की सहायता और जानकारी लेने के लिए उनके घर पहुंचे। डीएम राकेश कुमार ने जानकारी दी की अमन और उनके परिवार की सम्पूर्ण रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेज दी गयी है। रेडक्रॉस सोसाइटी ने अमन के पिता करण सिंह की आँखों के इलाज के लिए 25 हजार की सहायता प्रदान की है। करण सिंह की आँखें ठीक होने के बाद उन्हें प्रशिक्षण दे कर तैयार किया जायेगा जिससे वो घर पर ही रहकर अपने परिवार के लिए आमदनी कर सके। अमन के लिए भी पढ़ाई के उचित इंतजाम किये जायेंगे जिससे वो पढ़ाई कर सके।

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