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छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस है यहां आकर बेटियों की सुरक्षा की स्थिति क्यों नहीं देखते राहुल

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में घटी हाथरस जैसी घटना को लेकर देशभर में लोगों का गुस्सा फूट रहा है. इस मामले में सियासत भी जमकर हो रही है. जहां कांग्रेस हाथरस की घटना को मुद्दा बना रही है. वहीं बीजेपी ने बलरामपुर में नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्क-र्म मामले को लेकर हल्लाबोल रखा है.

बीजेपी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी हाथरस में पीड़ित परिवार का हाल जानने जा सकते हैं तो उन्हें छत्तीसगढ़ आकर भी बेटियों की सुरक्षा की स्थिती देखनी चाहिए, यहां भी पीड़ित परिवार से मुलाकात करनी चाहिए.

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने बीजेपी को पिछले कार्यकाल की याद दिलाते हुए पुर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर निशाना साधा है, कांग्रेस ने कहा कि जिस पार्टी के कार्यकाल में हजारों की संख्या में बेटियां गायब हो गईं, उन्हें सवाल नहीं करने चाहिए. बलरामपुर में आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और कानुनी कार्रवाई चल रही है. बलरामपुर की तुलना हथरस से नहीं की जानी चाहिए.

पूर्व सीएम रमन सिंह के ट्वीट से शुरु हुआ विवाद

दरअसल ये पूरा विवाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के ट्वीट से शुरु हुआ जिसमें उन्होंने बलरामपुर की घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी को छत्तीसगढ आने की बात कही थी. रमन सिंह ने लिखा था “यूपी की तरह राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ भी आना चाहिए, उन्होंने लिखा कि बलरामपुर में नाबालिग के साथ हैवानों ने दरिं-दगी की लेकिन कांग्रेस सरकार न्याय दिलाने की जगह मामले को दबाने में लग गई, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी में यदि संवेदनाएं हों तो इस बेटी को भी न्याय दिलाने छग आएं? भूपेश बघेल से जवाब मांगें?, प्रदेश की बेटी को कब मिलेगा न्याय??.’’

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से भी हाथरस जैसा मामला सामने आया था, दरअसल स्थानीय कोतवाली क्षेत्र निवासिनी 22 वर्षीय छात्रा मंगलवार सुबह दस बजे घर से करीब दो किलोमीटर दूर बिमला विक्रम डिग्री कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष में दाखिला कराने गई थी.

आरोप है कि गैसड़ी बाजार निवासी साहिद (23) पुत्र हबीब व साहिल (16) पुत्र हमीदुल्ला उसे अगवाकर अपने घर ले गए थे। वहां दोनों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्क-र्म किया. छात्रा की हालत बिगड़ी तो प्राइवेट डॉक्टर बुलाकर उसका घर पर इलाज कराया. देर शाम छात्रा को रिक्शे पर बैठा कर उसके घर भेज दिया. परिजन उसे तुलसीपुर सीएचसी ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौ-त हो गई.

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