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परेशानियों का दूसरा नाम पाकिस्तान अकड़ में है इमरान, परेशान है पाकिस्तान!

पाकिस्तान फिलहाल कई परेशानियों का सामना कर रहा है। फिर भी इमरान है कि मानता नहीं। पाकिस्तान से खुद अपना घर तो साफ होता नहीं, और चला है औरों के यहां झांकने। खैर बात पाकिस्तान की करते हैं, खुद के यहां समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, बीमारी है कि जाति नहीं और इमरान के समझ में आती नहीं। वहीं दूसरी ओर आतंकवाद पर रोक लगाने का अंतर्राष्ट्रीय दबाव बड़ रहा है। ओर पाकिस्तान में ही फैल रही गंदगी और बीमारियों ने इमरान सरकार को झकड़े रखा है।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान फिलहाल कई समस्याओं से जूझ रहा है। जिसमें बाहरी परेशानियों से लेकर आंतरिक समस्याएं शामिल है। जहां एक तरफ उस पर आतंकवाद पर रोक लगाने का अंतर्राष्ट्रीय दबाव बना हुआ है। वहीं दुसरी तरफ पाकिस्तान में ही फैल रही गंदगी और बीमारियों ने इमरान सरकार के सामने बड़ी मुश्किलें पैदा कर दी है।

आंकड़ों की माने तो पाकिस्तान में पोलियो जैसी गंभीर बिमारी पैर पसार बैठी है, और आने वानी पीढ़ियों को अपना शिकार बना रही है। पिछले साल की तुलना में पाकिस्तान में इस साल पोलियो की गंभीर बीमारी में काफी बढ़ोतरी हुई है। जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर धार्मिक कट्टरता और कहीं पर अफवाहो के चलते परिवार अपने अपने बच्चों को पोलियो के ड्रॉप नहीं पिला रहे हैं। ऐसे में पोलियो ग्रस्त बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

पाकिस्तान में इस बिमारी को पूरी तरह से खत्म करना एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि पोलियो विरोधी अभियान में लगे कर्मचारियों के साथ आए दिन मारपीट के मामले सामने आ रहे है। जिसके चलते वे कई बार दवा पिलाने तक नहीं जाते हैं। वहीं जब ये कर्मचारी ड्राॅप पिलाने जाते भी हैं तो परिवार वाले साफ मना कर देते हैं,और कर्मचारियों द्वारा समझाईश देने पर उनके साथ मारपीट तक की जाती है।

ज्ञात हो कि साल 2018 में पाकिस्तान में पोलियो के 12 मरीज पाए गए। जबकि साल 2019 में अब तक कुल 72 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं ये साल खत्म होने में अभी दो महीने शेष है, ऐसे में माना जा रहा है कि पोलियो के मामले में इजाफा हो सकता है। पिछले पांच सालों में पोलियो का ये सर्वाधिक आंकड़ा है। फिलहाल पाक संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक मदद से इस कार्यक्रम को चला रहा है। फिर भी पाकिस्तान है कि मानता नहीं, क्योंकि इमरान की समझ में कुछ आता नहीं।

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