रंगोली बनाकर CAA का विरोध प्रदर्शन करने वाली महिला का निकला पाकिस्तान कनेक्शन जांच शुरू

नागरिकता संशोधन कानून पर विरोध बेवजह है। इस कानून को लेकर सोशल मीडिया पर काफी भ्रम फैलाया जा रहा है। इस कानून से भारत की किसी भी धर्म के शक्श की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। यह कानून सिर्फ पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी, जैन धर्म और ईसाई धर्म के शोषित लोगों को भारत की नागरिकता हासिल करने की राह आसान करता है। भारत के मुस्लिम हो या किसी भी धर्म और समुदाय के लोगों की नागरिकता को इस कानून से खतरा नहीं है।

तमिलनाडु में नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का विरोध करने वाली एक महिला पुलिस की नजर में आ गई है। दरअसल, इस महिला के सोशल मीडिया प्रोफाइल से पता चलता है कि वह पाकिस्तान के किसी संगठन में शोधकर्ता है। चेन्नई के पुलिस आयुक्त ए के विश्वनाथन ने बताया कि यह पता करने के लिए हमने जांच शुरू कर दी है कि महिला का पाकिस्तान से कोई सीधा संबंध है या नहीं। इस महिला ने कुछ महिलाओं के साथ मिलकर रंगोली बनाकर विरोध प्रदर्शन किया था।

बता दें कि इस विरोध प्रदर्शन में कुछ महिलाओं ने रविवार को चेन्नई के बेसंतनगर इलाके में रंगोली बनाई और नो टू CCA, नो टू NRC और नो टू NPR लिखा। सिटी पुलिस ने इस संबंध में कुछ लोगों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया। इस घटना के बाद द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) अध्यक्ष MK स्टालिन और DMK सांसद कनिमोझी ने रंगोली का समर्थन किया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्टालिन से मुलाकात भी की थी।

मामले में विश्वनाथ ने कहा, “यदि आप गायत्री खंधादाई का फेसबुक प्रोफाइल देखते हैं तो वह कहती हैं कि, “वह बाइट्स फॉर ऑल, पाकिस्तान की शोधकर्ता है।” उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में इस संस्था का एसोसिएशन ऑफ ऑल पाकिस्तान सिटीजन जर्नलिस्ट के साथ संबंध होने का शक है। इस पर विश्वनाथन ने कहा है कि इस प्रदर्शनकारी के “पाकिस्तान संबंध” की हद और प्रकृति तथा इन बातों का क्या मतलब है, आदि की जांच की जाएगी और इसके बाद ही पूरी जानकारी दी जाएगी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह महिला संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ शहर में हुए कुछ प्रदर्शनों का हिस्सा भी रही है।

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