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Wednesday, September 22, 2021

आईटीआर भरने की तारीख बढ़ी, अब यह है अंतिम तारीख

ऑडिट रिपोर्ट के साथ टैक्स जमा कराने वालों के लिए खुश खबर। इनकम टैक्स विभाग ने आईटीआर भरने की तारीख बढ़ा दी है। जिनके केस में ऑडिट की जरूरत होती है, अब उन टैक्स देने वालों को 30 सितंबर के स्थान पर 31 अक्टूबर तक आईटीआर फाइल करने का समय मिल गया। बार-बार यह डिमांड आ रही थी, कि आईटीआर और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी जाए, क्योंकि टैक्स केस में ऑडिट की जरूरत पड़ती है।

कौन देता है आईटीआर के साथ ऑडिट रिपोर्ट

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ऐसे आईटीआर उन फर्मो को भरने पड़ते हैं, जो आईटी एक्ट की धारा 44 ए बी के तहत आती है। इसमें कंपनियां पार्टनरशिप फर्म प्रोपराइटरशिप कवर होती है। इनके अकाउंट की ऑडिट सीए द्वारा की जाती है और जो रिपोर्ट सीए देता है, उसको आईटी विभाग को भेजते हैं। सीबीडीटी के अनुसार वे टैक्स पेयर भी इस दायरे में आते हैं जो किसी फर्म में वर्किंग पार्टनर होते हैं। सीबीडीटी भारत सरकार का वह बोर्ड है, जो आईटी विभाग के लिए पॉलिसी तैयार करता है।

सैलरी क्लास के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख 31 अगस्त थी। रिटर्न नहीं भरने पर 2 साल तक की जेल हो सकती है। अंतिम तारीख तक आईटीआर नहीं भरने पर इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भेजता है, उसके बाद आप जवाब देते हैं। अगर अधिकारी आपके जवाब से संतुष्ट नहीं होता है, और जांच में साबित होता है कि आप ने जानबूझकर टैक्स रिटर्न नहीं भरा है। तो 3 माह से 2 साल तक की सजा का प्रावधान है।

रिटर्न में देरी महंगी पड़ेगी 3 माह से 7 साल तक की जेल

500000 से कम आय पर ₹1000 जुर्माना, रिटर्न देरी से भरने पर 5000 जुर्माना, 31 जुलाई के बाद और 31 दिसंबर तक रिटर्न भरने पर 10000 जुर्माना। 1 जनवरी से 31 मार्च तक रिटर्न भरने की अंतिम तारीख तक रिटर्न नहीं भरने पर विभाग पहले नोटिस भेजता है, कि आपने रिटर्न क्यों नहीं भरा। टैक्स सलाहकारों का कहना है कि नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। कर अधिकारी टैक्स नहीं भरने की सही वजह जानना चाहते हैं। सही वजह बताने पर जुर्माना लगाकर रिटर्न भरने की अनुमति मिल जाती है। आयकर रिटर्न तय तारीख के जितना बाद भरा जाएगा उतना ही ज्यादा आर्थिक नुकसान होगा। टैक्ससलाहकार केसी गोदुका का कहना है कि जब आप रिटर्न फाइल करते हैं, तो टीडीएस या अन्य रूप में अधिक चुकाए गए कर को आयकर विभाग रिफंड करता है, साथ ही इस पर ब्याज भी देता है। लेकिन यदि रिटर्न आप देरी से भरेंगे तो ब्याज नहीं मिलेगा।

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