योगी आदित्यनाथ के राम मंदिर के लिए 11 रुपये और घर से एक पत्थर की मांग पर शुरू हुआ विवाद

सीएम आदित्यनाथ योगी बीजेपी उम्मीदवार नागेंद्र महत्त्तो के लिए वोट मांगने के लिए बगदौर में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 500 साल पुराने विवाद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए प्रयासों से हल निकाला गया है। जबकि कांग्रेस, राजद, भाकपा वाले कुछ अन्य दल इस विवाद का हल नहीं चाहते थे। मुख्यमंत्री योगी ने झारखंड में चुनावी रैली को संबोधित करने के दौरान “अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक परिवार से 11 रुपये और एक पत्थर का योगदान मांगा।”

झारखंड चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार को वोट देने के लिए लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं उस प्रदेश से आता हूं, जिसने भगवान राम दिये और उनके शासन की प्रणाली को रामराज्य कहा गया। एक प्रणाली जिसमें नीतियां गरीब, युवा, महिला और समाज के हर तबके को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। वही कार्य प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली में “जय श्रीराम” के नारे के बीच कहा, “बहुत जल्द अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाया जाएगा। प्रत्येक परिवार को राम मंदिर के लिए 11 रुपये और एक पत्थर देना चाहिए।”

गठबंधन पर हमला करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तीन दलों का एक समूह कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल गरीब, युवा, महिला और समाज के अन्य लोगों की सेवा के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार की सेवा करने के लिए सत्ता चाहते हैं। विडंबना यह है कि कांग्रेस राजद, झामुमो, और भाकपा माले की नीतियां चरमपंथियों की विनाशकारी योजनाओं को प्रोत्साहित करती रही है। योगी ने नागरिकता कानून को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब प्रधानमंत्री मोदी व गृहमंत्री अमित शाह हिंदू, सिख, बौद्ध,और पारसी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की कोशिश कर रहे है। जिन्हें पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान मैं यातना दी गई और शरणार्थी का जीवन जी रहे हैं। कांग्रेस, राजद, भाकपा माले जैसी पार्टियां इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, “कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोलती है।”

बता दें कि सीएम योगी से पहले जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य रामविलास वेदांती ने कहा था कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनने वाला मंदिर विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर बनेगा। हालांकि राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर विश्व हिंदू परिषद, निर्वाणी अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा और दिगंबर अखाड़ा आदि से बातचीत जारी है।

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