सोनू सूद ने जहां गुजारा बचपन, उस रोड का नाम उनकी मां के नाम पर, बताया जिंदगी का सबसे ख़ास पल

गरीबो की मदद कर विशेष पहचान पाने वाले अभिनेता सोनू सूद बॉलीवुड के सबसे बड़े मसीहा है। सोनू सूद आज अपनी फिल्मो से नहीं बल्कि अपने द्वारा किये गए अच्छे कामों से जाने जाते है। बॉलीवुड के एक मात्रा अभिनेता जो हमेशा गरीबों, जरुरतमंदो और परेशानी से दुखी लोगो की मदद के लिए जाने जाते है।

sonu sood at moga punjab

उनके इन्ही कामों के कारण उन्हें गरीबों और जरुरतमंदो का मसीहा भी कहा जाता है। कई लोगों द्वारा तो उनकी मूर्तियां तक लगाई गयी है और कुछ लोग इन मूर्तियों की पूजा भी करते है। सोनू सूद सोशल मीडिया के माध्यम से अपने चाहने वालों से जुड़े रहते है और मदद उपलब्ध कराते रहते है। आज सोनू सूद एक विशेष कारण से चर्चा में है।

बचपन से जुडी यादें की शेयर

सोनू सूद का बचपन पंजाब के मोंगा में बिता है और यहाँ से उनके बचपन के ख़ास पल जुड़े हुए है। सोनू सूद की माताजी सरोज सूद जो की प्रोफेसर है उनसे जुड़ा खास पल सोनू सूद ने अपने ट्विटर पर शेयर किया। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया जिसमे वह रात के ढाई बजे एक रोड पर खड़े जो कि उनकी माताजी के नाम पर है। वीडियो में सोनू सूद ने अपने माता पिता से जुडी यादों के बारे में भी बात की और कहा कि ये उनकी जिंदगी का सबसे ख़ास पल है।

सोनू सूद वीडियो में कहते हैं, ‘यह मेरी जिंदगी की सबसे खास जगहों में से है। इस रोड का नाम मेरी मां के नाम पर है, प्रोफेसर सरोज सूद रोड। मेरी पूरी जिंदगी मैं इस रोड पर चला हूं। मेरा घर उस तरफ है और मैं हमेशा यहां से स्कूल जाता था। मेरे माता-पिता भी इसी रोड से जाया करते थे। वह इस रोड से कॉलेज जाया करती थीं। यह मेरी जिंदगी का खास पल है।’

माता पिता को कहा शुक्रिया

सोनू सूद वीडियो कहते हैं, ‘मुझे भरोसा है कि वह जहां भी होंगी उन्हें मुझ पर गर्व होगा। मेरे पिता को मुझ पर गर्व होगा। हर चीज के लिए बहुत शुक्रिया। रात के ढाई बजे हैं और मैं अपने घर जा रहा हूं, यह वही सड़क है जिससे पूरी जिंदगी स्कूल से वापस लौटकर मैं अपने घर गया हूं’। सोनू सूद का यह वीडियो लोगों को बहुत पसंद आया और यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

sonu sood e rickshaws

सोनू सूद का यह वीडियो उनके प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा पसंद किया गया है और सभी उन्हें धन्यवाद और दुआएं दे रहे है। सोनू सूद के वीडियो के कैप्शन में बस माँ लिखा जिससे आप समझ सकते है कि वह अपनी माँ को कितना याद कर रहे है। अनलॉक के बाद पहली बार सोनू सूद अपने जन्मस्थान मोगा स्थित निवास पर आये थे। ऐसे समय भी उन्होंने आठ लोगो को ई रिक्शा दी ताकि वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। सोनू सूद ने हमेशा से ही लाचारी और आर्थिक परेशानी में चल रहे लोगो की मदद कर मसीहा के रूप में उनके जीवन को सहारा दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *