शाकाहारी आहार से कम हो सकती है बुद्धिमत्ता !

पारंपरिक शाकाहारी आहार से अगली पीढ़ी की बुद्धिमत्ता में कमी आ सकती। एक प्रमुख न्यूट्रिशनिस्ट ने यह दावा किया है। डॉ. एम्मा डर्बीशायर ने कहा कि पौध आधारित खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से आहार में कोलिन नामक पोषक तत्व की भारी कमी हो गई है। यह तत्व दिमाग के विकास में मदद करता है।मांस, मछली, अंडों और डेयरी उत्पादों में पाया जाने वाला कोलिन गर्भावस्था के दौरान बच्चों के दिमाग के विकास में काफी अहम भूमिका निभाता है। बीएमले न्यूट्रिशन, प्रीवेंशन और हेल्थ जर्नल में डॉ. डर्बीशायर ने लिखा कि मांस युक्त आहारसे दूरजाने के कई खतरे हो सकते हैं। उन्होंने कहा, शाकाहारी आहार पनाकरहम अगली दावा

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• दिमाग को विकसित करने वाला कोलिन मांसाहारी आहार में मौजूद
• शाकाहारी लोगों को लेने चाहिए कोलिन के सप्लीमेंट

पीढ़ी की बुद्धिमत्ता को कम करने में लगे हुए हैं। दिमाग के विकास में कोलिन के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है। यह सही है कि पर्यावरण के लिए शाकाहारी खाना अच्छा है, लेकिन अगर भ्रूण के दिमागी विकास की बात करें तो कोलिन युक्त खाद्य पदार्थलेना अत्यंत जरूरी है। लीवर में भी कोलिन का उत्पादन होता है, लेकिन इसकी मात्रा जरूरत के
अनुसार काफी कम होती है। गर्भवती महिलाओं को कोलिन युक्त सप्लीमेंट का सेवन करना चाहिए।

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