तीन तलाक को चुनौती देने वाली सायरा बानो हुई BJP में शामिल, पीएम को बताया रोल मॉडल

देहरादून. ट्रिपल तलाक (Triple Talaq) के खिलाफ आवाज उठाकर मामले को सुप्रीम कोर्ट से असंवैधानिक घोषित कराने और इसे दंंडनीय अपराध घोषित कर कानून पारित करवाने में कामयाब रहीं सायरा बानो (Shayara bano) शनिवार को बीजेपी (BJP) में शामिल हो गईं. उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष बंशीधर भगत ने एक सादे समारोह में उन्हें पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई.

बातचीत में सायरा बानो ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना रोल मॉडल बताया और कहा कि मुस्लिम समाज में बीजेपी को लेकर जो डर और संशय बना हुआ है उसे वे दूर करने का प्रयास करेंगी.

बीजेपी में शामिल होने के बाद सायरा बानो ने कहा कि तीन तलाक को लेकर मोदी सरकार ने जो कानून बनाया है, उससे वह प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि वे अल्पसंख्यक समाज को जोड़ने का काम करेंगी और समाज में फैली विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास करती रहेंगी.

कौन हैं सायरो बानो

उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाली रिटायर्ड आर्मी अफसर की बेटी सायरा बानो एमबीए पास हैं. सायरा बानो की शादी प्रयागराज निवासी प्रॉपर्टी डीलर रिजवान से 2002 में शादी हुई थी. रिजवान से सायरा बानो के दो बच्चे भी हैं. साल 2015 में पति की प्रताड़ना से परेशान होकर वह अपने मायके आ गई थीं. पति रिजवान ने एक कागज पर तीन बार तलाक लिखकर उससे रिश्ता तोड़ लिया था.

23 फरवरी, 2016 को सायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायरकर तीन तलाक बोलकर पत्नी को छोड़ने की इस कुप्रथा को चुनौती दी थी. अदालत से इसे गैरकानूनी करार देकर महिलाओं को भी बराबरी का हक देने वाला कानून बनाने की अपील की थी.

22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों के पैनल में से तीन ने ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक करार दिया था.

30 जुलाई 2019 को भारत की संसद ने भी इसे असंवैधानिक करार देते हुए कानून बना ट्रिपल तलाक को दंडनीय अपराध घोषित कर दिया.

44 साल की हो चुकी सायरो बानो शनिवार को बीजेपी में शामिल हो गई.

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