कॉन्स्टेबल के जैकेट को चीरती हुई निकली दंगाई की गोली, जेब में रखे शिवजी ने बचाई जान

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी को सीने में गोली लगी। गोली उसकी बुलेट प्रूफ जैकेट को चीरती हुई अंदर चली गई। लेकिन यह गोली पुलिसकर्मी की शर्ट की पॉकेट में रखे पर्स में फंस गई। विजेंद्र ने पर्स जैकेट के ऊपर वाली जेब में रखा हुआ था। विजेंद्र ने कहा, ” यह मेरा दूसरा जीवन है। मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं। कल विरोध प्रदर्शन के दौरान गोली लगी थी। मुझे वास्तव में ऐसा लग रहा है कि यह मेरा दूसरा जीवन है।” उन्होंने बताया, “भारी पथराव व हिंसक भीड़ को रोकना था। इसी दौरान एक गोली मेरे सीने की तरफ आई। मेरी बुलेट जैकेट तो इसे नहीं बचा पाई। लेकिन मेरा पर्स जिसमें मैंने भगवान शिव की तस्वीर रखी थी, ने बचा लिया।”

कॉस्टेबल विजेंद्र कुमार का कहना है कि वे सौभाग्यशाली थे की गोली उनके पर्स में ही फंसी रही। इस घटना को उन्होंने पुनर्जन्म बताया है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों को गोली लगी है। उनका इलाज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जिले में स्थिति नियंत्रण में है। जब विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और फायरिंग शुरू हो गई उस वक्त विजेंद्र कुमार फिरोजाबाद एसपी के एस्कार्ट में शामिल थे। फिरोजाबाद एसपी सचिंद्र पटेल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि विजेंद्र कुमार भाग्यशाली थे। वह बाल-बाल बच गए। पटेल ने बताया कि हिंसक भीड़ पुलिस वालों पर फायरिंग कर रही थी। थाना अध्यक्ष, सब इंस्पेक्टर सहित 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। कांस्टेबल विजेंद्र कुमार का कहना है कि उनके पास में चार एटीएम कार्ड और कुछ देवी देवताओं की तस्वीरें थी। उन्होंने कहा कि गोली प्रदर्शनकारियों की ओर से फायर की गई थी। उन्होंने कहा गोली किस ओर से आई उन्हें पता नहीं है। जिले के वरिष्ठ पुलिस कर्मियों ने कांस्टेबल विजय कुमार की तारीफ की है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है। जिनमें 8 साल का बच्चा भी शामिल है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मेरठ जिले में 4 लोगों की मौत की खबर है। कानपुर में 2 लोगों की मौत हुई है। वाराणसी में प्रदर्शन के दौरान भगदड़ में 8 साल के एक बच्चे की मौत हो गई है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर प्रदेश में हुई हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाही करना शुरू कर दी है। उपद्रवियों की पहचान कर एफआईआर दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने का सिलसिला जारी है। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हिंसा के बाद हुए नुकसान की भरपाई के लिए चार सदस्यीय कमेटी बना दी है जो गिरफ्तार लोगों से पैसा वसूल करेगी। सीएम के इस एलान के 2 दिन बाद शनिवार से ही उपद्रवियों की पहचान कर नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 50 दुकानों को सीज कर दिया है।

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