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CAB को लेकर कांग्रेस के दबाव में शिवसेना? सोनिया गाँधी से बातचीत हुई और पलट गए ठाकरे

महाराष्ट्र में 1 महीने तक चले सियासी नाटक के बाद BJP से नाता तोड़कर NPC और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने वाली शिवसेना ने फिर बाजी पलटने के संकेत दिये हैं। शिवसेना के सीनियर नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी ने इशारों में साफ कर दिया कि आगे BJP और शिवसेना फिर से एक पटरी पर आ सकते हैं। जोशी ने मंगलवार को साफ कहा कि आगे शिवसेना और BJP के रिश्ते फिर से मधुर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस मुद्दे पर उचित समय पर फैसला करेंगें।

CAB पर शिवसेना के रुख से सोनिया नाराज
नागरिकता संशोधन बिल पर शिवसेना और कांग्रेस के बीच गतिरोध देखने को मिला। हालांकि बाद में शिवसेना ने यह कहते हुए कदम पीछे खींच लिए थे कि सब कुछ स्पष्ट होने तक वह CAB का समर्थन नहीं करेगी। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम मनोहर जोशी ने मंगलवार को कहा कि,

“ऐसा नहीं है कि शिवसेना अब कभी भी BJP के साथ नहीं जाएगी उद्धव ठाकरे सही समय पर सही निर्णय लेंगे।”

उन्होंने यह भी कहा, “छोटे-छोटे मुद्दों की जगह बेहतर है कि कुछ बातों को बर्दाश्त किया जाए। जिन मुद्दों को आप दृढ़ता से महसूस करते हैं, उसे साझा करना अच्छा है। अगर दोनों दल आपस में मिलजुल कर काम करते हैं तो यह दोनों के लिए हितकर होगा।”

सोनिया गांधी के फोन के बाद पलट गए उद्धव ठाकरे
नागरिकता संशोधन विधेयक पर लोकसभा में शिवसेना ने केंद्र सरकार के पक्ष में मतदान किया है। लेकिन कहा जा रहा है कि इस बात से सोनिया गांधी बेहद नाराज हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे से इस बारे में बात भी की। बाद में उद्धव ठाकरे ने विधेयक पर पार्टी का रुख बदल दिया। उन्होंने कहा, “नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर तमाम मुद्दों से साफ होने के बाद ही वह राज्यसभा में इसका समर्थन करेंगे।”

कांग्रेस के दबाव में शिवसेना फड़नवीस
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने सवाल किया कि क्या शिवसेना कांग्रेस के दबाव में आ गई है? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवसेना समेत दूसरे दलों को इशारों में ही संकेत देने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि जो भी इस बिल का समर्थन कर रहा है वह देश की बुनियाद पर हमला कर रहा है। इधर, बीजेपी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस और शिवसेना में सब कुछ ठीक ना होने की आशंका जताई है। दरअसल नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में वोट किया था। लेकिन राज्य सभा को लेकर पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी बातें स्पष्ट होने तक वह कोई फैसला नहीं करेंगें।

बता दे, नवंबर से पहले तक BJP और शिवसेना के बीच गठबंधन था। दोनों पार्टियों ने महाराष्ट्र में विधानसभा का चुनाव भी एक साथ लड़ा था। मगर नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री के पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई और अलगाव हो गया। बाद में शिवसेना ने NPC और कांग्रेस के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाली।

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