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शिवसेना में बगावत: शिवसेना के सांसद ने Modi सरकार के CAA,NRC को दिया समर्थन

नागरिकता संशोधन कानून और नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजंस के मुद्दे पर हिंगोली से शिवसेना के सांसद हेमंत पाटिल पार्टी के रुख से अलग खड़े नजर आ रहे हैं। इन दोनों मुद्दों पर उन्होंने मोदी सरकार का समर्थन करते हुए जिला प्रशासन को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में सांसद ने लिखा है कि, “मैंने लोकसभा में इन मुद्दों का समर्थन किया। शिवसेना हमेशा से हिंदुत्ववादी विचारधारा वाली पार्टी रही है। मैं इन दोनों मुद्दों का समर्थन करता हूं। इसलिए इस मुद्दे पर मैं पत्र लिख रहा हूं। हेमंत पाटिल ने आगे कहा में CAA और NRC के समर्थन में रैली में शामिल नहीं हो सका क्योंकि मैं मीटिंग में व्यस्त था। इसके लिए खेद प्रकट करता हूं।”

शिवसेना ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर मोदी सरकार का समर्थन किया था। लेकिन राज्यसभा में शिवसेना सांसदों ने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर दिया था। इस मामले पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था, “यह कानून वी.डी. सावरकर के सपनों के भारत के खिलाफ है। आप दूसरे देशों से हिंदुओं को बुला रहे हैं। इसका मतलब है कि आप सावरकर के विचारों को अनदेखा कर रहे हैं। सावरकर का मानना था कि सिंधु नदी से लेकर सिंधु महासागर तक भारत एक राष्ट्र है। जैसा कि सावरकर ने सोचा था, क्या आप (केंद्र सरकार) उस तरह से देश को एकजुट कर रहे हैं।”

हाल ही में भाजपा नेता संबित पात्रा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया था। जिसमें शिवसेना के नेता ने माना था कि उन्हें नागरिकता संशोधन कानून के बारे में नहीं पता। इतना ही नहीं उन्होंने इस कानून की जानकारी जुटाने की कोई जहमत नहीं उठाई। इसलिए उन्होंने इस कानून के बारे में पढ़ना भी उचित नहीं समझा और बिना पढ़े ही इसके विरोध में खड़े हो गए। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नागरिकता संशोधन कानून और नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजंस को लेकर किस तरह से बेवजह का मुद्दा बनाया जा रहा है। इसका एकमात्र उद्देश्य जनता को भ्रमित करना भर है। दरअसल, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। कांग्रेस और शिवसेना समेत कई विपक्षी राजनीतिक दल इस कानून का विरोध कर रहे हैं।

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