बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ की मिसाल बनीं जुड़वा बहनें, एक साथ MBBS पास कर किया नाम रौशन

जो सफर की शुरुआत करते हैं वह मंजिल भी पा लेते हैं बस एक बार चलने का हौसला रखना जरूरी है क्योंकि अच्छे इंसानों का तो रास्ते भी इंतजार करते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है बिहार राज्य के पश्चिम चंपारण क्षेत्र के छोटे से गांव बगहा में चखनी गांव के रहने वाले एक साधारण परिवार की दो बेटियों ने। परिवार की दो बेटियां है दोनों जुड़वा है। इन जुड़वा बेटियों ने अपने पहले ही प्रयास में एमबीबीएस की प्रवेश योग्यता परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इन दोनों जुड़वा बेटियों ने भारत के बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ 12 को सफल बनाया है।

save girl champaign

दोनों जुड़वा बेटियों का नाम शिखा और श्वेता है। जुड़वा बहनों ने अपनी प्रारंभिक परीक्षा कुमारबाग जिले में स्थित नवोदय विद्यालय से प्राप्त की है। इन जुड़वा बहनों ने बिहार में आयोजित हुई संयुक्त गहन प्रतियोगी परीक्षा बोर्ड द्वारा संचालित की गई अंडरग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन काउंसलिंग नीट-2020 की परीक्षा पास कर ली है और इन दोनों जुड़वा बहनों का चयन एमबीबीएस पढ़ाई के लिए हो गया है।

save girl

जुड़वा बहनों की सफलता से गांव का ही नहीं पूरे प्रदेश का नाम गौरवान्वित हुआ है और एक बार फिर लड़कियों ने सरकार के नारे बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ को सफल बनाया है। इन जुड़वा बहनों ने अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि इस जमाने में बेटियां बेटों से आगे निकल रही है और अब वह किसी से कम नहीं है। इन जुड़वा बहनों ने यह भी कहा कि हमारी सफलता समाज के लिए एक संदेश है कि समाज के हर व्यक्ति को बेटी की रक्षा करनी चाहिए, उसे जन्म से पहले ही खत्म नहीं करना चाहिए। आज भी हमारे समाज में कई लोग हैं जो बेटियों को बेटों से कम समझते हैं हमारी यह सफलता उनके लिए एक मिसाल साबित हो।

सफलता पर पिता ने दी बधाई

save girl sloogan

जुड़वा बेटियों की सफलता पर उनके पिता दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि बेटियों की सफलता से पूरा परिवार गौरव का अनुभव कर रहा है और उन्होंने यह भी कहा कि आज का युग एक समानता का युग है, जहां बेटे और बेटियों में फर्क नहीं करना चाहिए। आज कई लड़कियां हैं जिन्होंने अपनी सफलता से अपने परिवार का अपने देश का नाम रोशन किया है। यही कारण है कि श्वेता और शिखा ने एमबीबीएस की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। मैं आशा करता हूं कि इनकी सफलता से सभी बेटियों के पिता यह सबक लेंगे की बेटी को खूब पढ़ाएं और उसे हौसला दे ताकि वह नाम रोशन कर सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *