1300 किलोमीटर बिना रुके कार चलाकर रांची से पहुंचाया ऑक्सीजन, और बचा ली अपने दोस्त की जान!

कोरोना की दूसरी लहर ने जन जीवन को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है। पिछले साल भी इस वायरस ने लाखों लोगों को लील लिया था। जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि अब इस वायरस से निजात मिल जाएगी लेकिन ऐसा हो नहीं सका और इस बार यह दुगनी तेजी से लोगों को प्रभावित कर रहा है।

अस्पतालों में बेड फूल है। इसके कारण बहुत से लोगों को घर में रहकर ही उपचार करना पड़ रहा है। लेकिन इस दौरान संक्रमित लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत ऑक्सीजन की होती हैं। लेकिन देश में अभी ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा किल्लत चल रही हैं। जिसके कारण कई लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ रहा है।

दोस्त ने निभाया यारी का फर्ज

वहीं इस विपरीत परिस्थितियों में कई लोग मदद के लिए सामने आए है। और सेवा कर रहे हैं। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस वायरस से बचाया जा सके। वहीं कई लोग ऐसे भी है जो इस मुश्किल दौर में मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। आज हम आपको दोस्ती की ऐसी ही खबर बताने जा रहे हैं। जिसे पढ़ने के बाद आप भी इन्हें सेल्यूट करे बीने नहीं रह सकेंगे।

दरअसल, इस कोरोना काल में रांची के रहने वाले देवेंद्र शर्मा ने दोस्ती की मिसाल पेश की है। जैसे ही उन्हें पता चला कि उनका बचपन का दोस्त कोरोना से जंग लड़ रहा है। और उन्हें सख्त ऑक्सीजन की जरूरत है। इतना सुनते ही देवेंद्र अपनी बचपन की दोस्ती निभाने के लिए 1300 किलोमीटर ऑक्सीजन की टंकी लेकर बहुत गए। बता दें कि देवेंद्र के पास संजय सक्सेना का फोन आया कि कोरोना संक्रमित राजन सिंह के लिए ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है और यहां ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। सिर्फ एक दिन के लिए ऑक्सीजन बचा है।

इतना सुनते ही देवेंद्र ऑक्सीजन की जुगाड़ ने लग गए। लेकिन उन्हें भी बड़ी मुश्किल से ऑक्सीजन सिलेंडर मिल पाया। लेकिन उन्हें इसे सही जगह पहुंचने के लिए 1300 किलोमीटर की दूरी तय करना था। लेकिन उनके मन में बस एक ही बात चल रही थी कि उन्हें अपने दोस्त को बचाना है। और किसी भी हाल में ऑक्सीजन पहुंचाना है। फिर क्या था वे खुद ड्राइव करते हुए वैशाली गाजियाबाद के लिए निकल पड़े। और 24 घंटे ड्राइव करने के बाद आखिर वे अपने दोस्त के पास पहुंच गए।

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