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Naval exercise: भारत और रूस की नौसेना का संयुक्त अभ्यास

नई दिल्ली: सीमा पर चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत और रूस के सेनाओं ने एकजुटता दिखाई है. दोनों देशों की नौसेनाओं ने संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया.

आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए उठाया कदम

आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार (4 सितंबर) को बंगाल की खाड़ी में भारतीय और रूसी नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास किया गया. भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया, “अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच परस्पर समझ बढ़ाने और सर्वश्रेष्ठ अभ्यास करने के बारे में है.”

उन्होंने यह भी कहा कि इस अभ्यास से दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी और दोनों देशों के बीच लंबे समय तक दोस्ती के बंधन को मजबूत करेगा.

इंद्र नौसैनिक अभ्यास का 11वां संस्करण

मधवाल ने कहा कि इस अभ्यास में जमीनी और एंटी-एयरक्राफ्ट डील, गोलीबारी अभ्यास, हेलीकॉप्टर ऑपरेशन और सीमैनशिप इवोल्यूशन शामिल हैं. इस अभ्यास को इंद्र नेवी (INDRA NAVY) के रूप में जाना जाता है जो इसके 11वें संस्करण में है. यह भारतीय नौसेना और रूसी नौसेना के बीच द्विवार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है.

कमांडर मधवाल ने कहा, “2003 में शुरू किया गया अभ्यास दोनों नौसेनाओं के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है.” पिछले संस्करण का अभ्यास दिसंबर 2018 में विशाखापट्टनम में किया गया था.

रूस-भारत के सैन्य संबंध बेहद पुराने

भारत और रूस के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास की इंद्र अभ्यास शृंखला की शुरुआत साल 2003 में हुई थी. इस दौरान भारत के पश्चिमी और पूर्वी, दोनों तटों पर मई 2003 में पहले भारत-रूस द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास का आयोजन किया गया था. साल 2017 में रूस के व्लादिवोस्टक में पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास का आयोजन किया गया जिसमें दोनों देशों की थल, वायु एवं जल सेनाओं ने भाग लिया.
इंद्र-2020 (Indra-2020) द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के हिस्से के रूप में उड़ान भरने, सतह और हवाई लक्ष्यों पर गन फायरिंग और ट्रैकिंग आदि गतिविधियां चल रही हैं. इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य भारत और रूस के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना है.

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zeenews.india.com

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