मोदी क्या है असहिष्णु या अति उदार: मुस्लिम लड़कों ने दी जान से मारने की धमकी लेकिन मोदी जी ने किया माफ

रज्जाक कासिम ने मोदी को एक “धमकी” भरा ईमेल भेजा, जिसे महाराष्ट्र पुलिस ने पकड़ लिया लेकिन मोदी ने उसे माफ कर दिया। मोदी सरकार को दमनकारी और मोदी को “फासिस्ट” कहने वालो को नहीं ,मोदी का भाजपा के बारे में कुछ पता है और नहीं फासिस्ट के मायने पता है। हाल ही एक ट्रायल कोर्ट ने 49 सेलिब्रिटीयो के ऊपर जो केस करने का निर्देश किया उसका ठीकरा भी मोदी के ही सर फोड़ दिया। लेकिन विरोध करने वालों का नजरिया क्या है इस पर राय कायम करने से पहले दो ऐसी घटनाओं की जानकारी ले लेना जरूरी है जब मुसलमानों ने मोदी को जान से मारने की धमकी दी थी। लेकिन मोदी ने उनके गिरफ्तार होने के बाद उन्हें माफ कर दिया ताकि उनकी जिंदगी खराब ना हो। यही नहीं उनमें से एक को तो नौकरी से निकाले जाने पर तत्कालीन गुजरात सीएम ने आरोपी को दोबारा नौकरी दिए जाने की सिफारिश करते हुए पत्र लिखा “मैंने उसे नई जिंदगी” दी।

2002 के दिसंबर में जब गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने उन्हें मारने की धमकी भरा ई-मेल लिखने वाले एक मुस्लिम युवक को माफी दी थी। उस समय इस खबर की रिपोर्ट करने वाले Rediff Com के अनुसार ,”गुजरात सीएम मोदी ने महाराष्ट्र राज्य सरकार से कहा कि रज्जाक नासिर के खिलाफ सभी मामले बंद कर दे। उसे ITS ने गिरफ्तार किया था जब उसने उन्हें धमकी भरा ईमेल भेजा था। महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री सीएम विलासराव देशमुख का कहना है कि जांच एजेंसी के पास रज्जाक को 5 साल के लिए जेल भेजने और ₹100000 का जुर्माना लगाने के लिए पर्याप्त सबूत है। यह राज्य में साइबर क्राइम का पहला मामला है लेकिन मोदी ने उसे न केवल जाने दिया बल्कि इसे रज्जाक को दी गई एक नई जिंदगी भी बताया। मोदी ने तब कहा था इससे उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती क्योंकि उसने धमकी मेरी जान को लेकर दी थी। इसलिए मैंने उसे माफ कर नई जिंदगी देने का निर्णय लिया है।

रज्जाक मुंबई के अंधेरी स्थित एक निजी आईटी फर्म में प्रोजेक्ट लीडर था। कंपनी ने उसे इस मामले के बाद नौकरी से निकाल दिया था। मोदी ने वापस नौकरी पर रखने की गुजारिश आईटीआई फर्म से की थी। यही नहीं 2006 में उन्होंने एक मुस्लिम युवक को ऐसा ही पत्र लिखने के लिए माफी दे दी थी, क्योंकि उन्हें लगा था कि लिखने वाले लड़के ने बिना सोचे समझे भूल कर दी थी। इसके लिए उसने अपने पश्चाताप का प्रदर्शन भी किया था। ऐसा नहीं है कि उदारता की प्रवृत्ति केवल मोदी की है अमित शाह भी इससे अछूते नहीं है। मोदी ही नहीं पूरी भाजपा ही माफी मोड में दिखती है।

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