मोदी बोले-ओम व गाय के नाम सुन कुछ लोगों के खड़े हो जाते हैं बाल !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘ओम’ और ‘गाय’ के बहाने विपक्ष पर करारा वार किया. उन्होंने कहा कि ‘ओम’ शब्द सुनते ही कुछ लोगों के कान खड़े हो जाते हैं. कुछ लोगों के कान में ‘गाय’ शब्द पड़ता है, तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं, उनको करंट लग जाता है. उनको लगता है कि देश 16वीं-17वीं सदी में चला गया है. ऐसे लोग ही देश को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं. इस बीच, विपक्षी दलों ने पीएम के इस बयान पर पलटवार किया और कहा कि मोदी को इस बात के लिए चिंतित होना चाहिए कि गाय के नाम पर लोगों की हत्या हो रही है और संविधान का घोर उल्लंघन हो रहा है.

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इससे पहले, मोदी ने मथुरा के वेटनरी विवि में दो दिवसीय पशु आरोग्य मेले का शुभारंभ किया. उन्होंने राष्ट्रीय पशु आरोग्य मिशन शुरू करते हुए कहा कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन बहुत मूल्यवान है. कोई कल्पना करे कि पशुधन के बिना अर्थव्यवस्था चल सकती है क्या? गांव का परिवार चल सकता है क्या? लेकिन, पता नहीं ‘ओम’ शब्द सुनते ही करंट लग जाता है कुछ लोगों को. रवांडा का जिक्र करते हुए पीमए ने कहा कि वहां गांवों में लोगों को गाय भेंट में दी जाती है. गांव में गाय, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन अर्थव्यवस्था का आधार बने हैं.

मथुरा से स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत

मोदी ने देशव्यापी स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का शुभारंभ किया और देश की जनता से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को खत्म करने की अपील की.कहा कि दो अक्तूबर तक अपने घरों, दफ्तरों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें प्लास्टिक से उपजे कचरे की
समस्या अब गंभीर हो गयी है.यह कचरा पर्यावरण के लिए तो घातक है ही, पशुओं
का जीवन भी इससे खतरे में है.

देश की अर्थव्यवस्था पर बात करें पीएम: डी राजा

भाकपा महासचिव डी राजा ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘ओम’ और ‘गाय’ के मुद्दे क्यों उठा रहे हैं, जबकि उन्हें अर्थव्यवस्था की बात करनी चाहिए. वह ऐसे समय में यह बात कह रहे हैं, जब गाय के नाम पर देशभर में पीट-पीट कर हत्या की घटनाएं हो रही हैं. उन्हें देश के प्रधानमंत्री
की तरह व्यवहार करना चाहिए.

अर्थव्यवस्था पर केंद्र के हो रहे बाल खड़े : कांग्रेस

कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मैंने उन्हें अर्थव्यवस्था पर नहीं, बल्कि गाय व ओम पर बोलते देखा.क्या यह अर्थव्यवस्था पर जवाब है, जो मैं उठा रहा हूं. निश्चित तौर पर यह ध्यान भटकाने का मामला है. अर्थव्यवस्था पर विपक्ष के सवाल से सरकार के बाल
खड़े हो रहे हैं.हम लोग घास नहीं खाते, जिससे कि हमारा ध्यान बंट जायेगा और मुद्दे गायब हो जायेंगे.

पीएम को मॉब लिंचिंग पर बात करनी चाहिए : ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्हें गाय की जगह मॉब लिंचिंग पर बात करनी चाहिए. एक इंसान की कीमत गाय से ज्यादा है, लेकिन अफसोस की बात है कि मौजूदा मोदी सरकार की सोच कुछ और ही है. कहा कि भाजपा नेताओं की यह आदत बन चुकी है कि वे लोग उन मुद्दों को उभारते हैं, जिससे समाज में बंटवारा हो.

भाजपा ने किया पलटवा पीएम ने क्या गलत कहा

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा के नेताओं ने पूछा कि पीएम ने गलत क्या कहा. यह बात सच है कि जब इस देश के सामने लोगों से जुड़े हुए मुद्दों पर बातचीत की जाती है, तो नकारात्मक विचार वालों को खतरा महसूस होता है. उन्हें लगता है कि वोट बैंक की पॉलिटिक्स खिसक सकती है, तो वे इस तरह की बातें करना शुरू कर देते हैं. जैसे सबकछ। तबाही के कगार पर आ गया हो.

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