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अब CAA से भी बड़ा फैसला लेने जा रही है मोदी सरकार, जाने क्या है प्लान

जहां एक तरफ नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देशभर में बवाल देखने को मिल रहा है। वहीं अब मोदी सरकार जल्द ही एक और बड़ा फैसला लेते हुए नेशनल पापुलेशन रजिस्टर(NPR) लाने की तैयारी कर रही है। NPR देश के सभी सामान्य निवासियों का दस्तावेज है और नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों की तहत स्थानीय उप जिला, जिला, राज्य और राष्ट्र स्तर पर तैयार होता है। कोई भी निवासी जो 6 महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में निवास कर रहा है तो उसे NPR में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होता है।

2010 से सरकार ने देश में नागरिकों की पहचान का डेटाबेस जमा करने के लिए इसकी शुरुआत की इसे 2016 में सरकार ने जारी किया था। एक बार फिर से सरकार इस पर काम करने की तैयारी में है। आजादी के बाद 1951 से अब तक जनगणना 7 बार कराई जा चुकी है। अभी 2011 में की गई जनगणना के आंकड़े उपलब्ध है और 2021 की जनगणना पर काम जारी है। इसे तैयार करने में करीब 3 साल का वक्त लगता है और इसकी प्रक्रिया तीन चरणों में होगी। 30 सितंबर से 1 अप्रैल 2020 के बीच पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े इकट्ठा करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण 2021 में 9 फरवरी से 28 फरवरी के बीच पूरा किया जाएगा। 1 मार्च से 5 मार्च के बीच संशोधन की प्रक्रिया होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके लिए कैबिनेट से 3,941 करोड रुपए की मांग की है। NPR का उद्देश्य देश के सामान्य निवासियों का व्यापक पहचान डाटा बेस बनाना है। इस डेटा में जनसांख्यिकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी रहेगी।

CAA और NRC की तरह विपक्ष की प्रदेश सरकार इसका भी विरोध कर रही है। और इसका सबसे पहले पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध किया है। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में NPR पर जारी काम को रोक दिया है। ममता बनर्जी का कहना है कि पश्चिमी बंगाल में NRC और नागरिकता संशोधन कानून लागू नहीं होने देंगे। अब उन्होंने NPR को लेकर भी अपना रुख साफ कर दिया है। बता दे, की घुसपैठ की समस्या सबसे ज्यादा पश्चिमी बंगाल में है। 1971 में बांग्लादेश के गठन के साथ ही वहां से बड़ी संख्या में लोग यहां आए। इन लोगों में NRC को लेकर पहले से ही डर था और नागरिकता संशोधन कानून ने उनके खौफ को और बढ़ा दिया है। वहीं NPR को लेकर उनके मन में पहले से डर है। इसके अलावा केरल की वामपंथी सरकार ने भी NPR से संबंधित सभी कार्यवाही रोकने का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जारी बयान में कहा कि सरकार ने NPR को स्थगित रखने का फैसला किया है, क्योंकि आशंका है कि इसके जरिए NRC लागू की जाएगी।

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