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फंस गए कन्हैया कुमार पुलिस की धाराओं में, केजरीवाल सरकार ने भी साथ छोड़ा

JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और CPI नेता कन्हैया कुमार पर वर्ष 2016 में JNU परिसर में लगे भारत विरोधी नारे और नफरत फैलाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने साल भर पहले आरोप दाखिल किया था। कन्हैया कुमार पर देशद्रोह समेत 8 धाराएं लगाई गई है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भारत विरोधी नारे लगाने और नफरत भड़काने के आरोप में घिरे कन्हैया कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। यह फाइल दिल्ली सरकार के गृह मंत्रालय के पास थी। दिल्ली सरकार ने 1 साल से अधिक समय तक मुकदमा चलाने की फाइल अटका रखी थी।

यह फाइल आम आदमी पार्टी के मंत्री सत्येंद्र जैन के पास थी, जिनके पास दिल्ली सरकार में गृह विभाग भी है।गृह मंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह निर्णय पूरी तरह से गृह विभाग के अभियोजन पक्ष द्वारा लिया गया जिसने मामले का विश्लेषण किया।” उन्होंने कहा कि गृह विभाग ने इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञों की राय भी ली थी, और आखिरकार सभी पहलुओं को देखने के बाद गृह विभाग के अभियोजन पक्ष ने आगे बढ़ा दिया। अधिकारी ने कहा कि कानूनी टीम के निर्णय लेने में कोई हस्तक्षेप नहीं था। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “मुख्यमंत्री कार्यालय या कोई अन्य विभाग कानूनी टीम के निर्णय लेने में हस्तक्षेप नहीं करता है।”

14 जनवरी को पुलिस ने कन्हैया कुमार, JNUके पूर्व छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इन पर आरोप है कि 9 फरवरी 2016 को परिसर में हुए कार्यक्रम में उन्होंने एक जुलूस की अगुवाई की और देशद्रोही नारे लगाए। बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल 18 सितंबर को दिल्ली सरकार से एक महीने के अंदर कन्हैया और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर फैसला लेने को कहा था। अदालत ने कहा था कि देरी के कारण अदालत का समय बर्बाद हुआ है क्योंकि आरोप पत्र दायर किए जाने के बाद भी मामला बार बार स्थगित किया जा रहा है।

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