CAA-NRC का विरोध करते- करते कन्हैया भूले राष्ट्रगान, गलती का एहसास होने पर हुए शर्मिंदा

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को NPR-NRC-CAA विरोधी संघर्ष मोर्चा की “संविधान बचाओ नागरिकता बचाओ” महारैली का आयोजन किया गया था। इसमें जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के(JNU) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व CPI नेता कन्हैया के अलावा वाम विचारों से जुड़ी और भी कई हस्तियां शामिल हुई थी। JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और CPI नेता कन्हैया कुमार ने पटना में हुई “संविधान बचाओ नागरिकता बचाओ” महारैली में कुछ ऐसा कर दिया कि सबके सामने हंसी का पात्र बन कर रह गए। दरअसल, कन्हैया की रैली में जब राष्ट्रगान गाया गया, तब उन्होंने अंतिम 2 लाइन में “जन गण मंगल” के बदले “जन मन गण” गा दिया। हालांकि, बाद में उन्हें अपनी इस गलती का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रगान को पूरा गाया।इस वाकये के बाद लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया है।

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अपने भाषण की शुरुआत करने से पहले कन्हैया कुमार ने गांधी मैदान में मौजूद लोगों से खड़े होकर राष्ट्रगान गाने की अपील की और राष्ट्रगान शुरू किया। लेकिन राष्ट्रगान गाते समय कन्हैया कुमार ने अंतिम 2 लाइन में “जन गण मंगल” के बदले “जन मन गण”गा दिया ।गलती का एहसास होने पर दोबारा राष्ट्रगान गाया गया।

इस महारैली में वक्ताओं ने दिल्ली के हिंसा के लिए केंद्र सरकार को निशाना बनाया। कन्हैया कुमार ने यहां तक कहा कि इस घटना के कारण उन्हें 3 दिनों से नींद नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि देश में जो चल रहा है और जो उथल-पुथल है इसकी वजह से मैं सो नहीं पा रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि “गांधी जिंदाबाद” कहने वाले को देशद्रोही बताया जा रहा है। “गोडसे जिंदाबाद” कहने वालों को संसद पहुंचाया जा रहा है। आजादी के बाद देश में जो मुसलमान रह गए हैं। उन्होंने जिन्ना की बजाय गांधी को राष्ट्रपिता माना है। लेकिन आज सरकार ने गोडसे को चुन लिया है। अब जनता तय करेगी गांधी के साथ रहना है या गोडसे के साथ।

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