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नागरिकता कानून के विरोध में बोले कन्हैया आप हमें नागरिक नहीं मानते तो हम आपको सरकार नहीं मानते

कन्हैया ने NRC के नेताओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि यह हिंदू मुसलमान का मामला नहीं है, बल्कि संविधान से जुड़ा मामला है। पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में CAA और NRC के विरोध में आयोजित जन प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए कन्हैया ने आजादी के नारे लगाए। नागरिकता कानून के विरोध में बिहार में गुरुवार को एक बंद का ऐलान किया गया। इस दौरान कन्हैया कुमार ने NRC और नागरिकता संशोधन को लेकर केंद्र सरकार को चेतावनी दी।उन्होंने कहा, “अगर आप हमें नागरिक नहीं मानते तो हम भी आपको सरकार नहीं मानते।”

कम्युनिस्ट पार्टी के नेता व JNU छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “अगर आप हमें नागरिक नहीं मानते तो हम भी आपको सरकार नहीं मानेंगे। संसद में आपके पास बहुमत है लेकिन सड़क पर बहुमत हमारे पास है। यह लड़ाई हिंदू या मुस्लिम के बारे में नहीं है। हम सावरकर नहीं, भगत सिंह और बाबा अंबेडकर का देश चाहते हैं। ये अशफाक बिस्मिल को लड़ाना चाहते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगें।” बता दें कि NRC और CAA के विरोध में बिहार के पूर्णिया जिले में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें कन्हैया कुमार ने एक रैली में लोगों को संबोधित किया था। उन्होंने छात्रों से कहा कि प्रदर्शन करो लेकिन शांति व दृढ़ता के साथ। कन्हैया कुमार ने, “यह भी कहा कि यह लड़ाई संविधान की रक्षा के लिए है, हमें प्रज्ञा ठाकुर वाला भारत चाहिए।” इस दौरान कन्हैया कुमार ने अपना आजादी वाला ट्रेडमार्क नारा भी दोहराया। उन्होंने कहा लोगों को अब NRC से आजादी चाहिए, हमें BJP से आजादी चाहिए, हमें संघ से आजादी चाहिए।

कन्हैया ने यह भी कहा, “यह लड़ाई एक दिन की नहीं है यह लड़ाई लंबी चलेगी।” उन्होंने इसके लिए युवाओं के जोश और होश में रहने की जरूरत बताते हुए कहा कि इस लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाना है। CAA और NCR को, “संविधान की आत्मा पर हमला” बताते हुए उन्होंने कहा आज संविधान पर संकट आ खड़ा हुआ है। संविधान की मूल भावना है कि किसी भी नागरिक के साथ जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होगा। लेकिन इसके ठीक उल्टा किया जा रहा है। जिन लोगों को अपने देश के संविधान से प्यार नहीं वे ही ऐसे काले कानून का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को संयमित और अनुशासित रहने की अपील करते हुए कहा कि इन दोनों चीजों से किसी भी आंदोलन को हर हाल में जीता जा सकता है। इस रैली में सीमांचल से कई गैर-बीजेपी दलों के विधायक और अन्य नेता शामिल हुए थे। रैली में सीमांचल इलाके के हजारों लोग खासकर मुसलमान बड़ी संख्या में आए थे।

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों पर शुक्रवार को पुलिसिया कार्यवाही का हवाला देते हुए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पूरे देश के छात्रों को एकजुट होने की जरूरत है। लेकिन इसके लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना होगा और सरकार को बताना होगा कि NRC की जरूरत नहीं है। CPI नेता ने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा कि वे प्रदर्शनकारियों की बॉडी लैंग्वेज से उन्हें समझ लेते हैं, लेकिन PM मोदी को यह पता होना चाहिए कि हम उनकी सोच अच्छी तरह समझ रहे हैं। NRC को लेकर हम कोई भी कागजात नहीं दिखाएंगे। लेकिन प्याज के बढ़ते दाम इसकी आम समस्याओं का जिक्र जरूर करेंगे।”

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