Categories: देश

JEE Main Result 2020: जानें क्या है सीट एलॉटमेंट प्रोसेस और कैसे होगा एडमिशन

जेईई मेन का रिजल्ट जारी होने वाला है.

साल में दो बार होने वाली इस परीक्षा का रिजल्ट JEE की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट किया जाएगा. अभ्यर्थी JEE के अपने मुख्य लोग इन (Login) से रिजल्ट के लिंक पर जाकर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे.

नई दिल्ली. JEE यानी जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम 2020 (JEE Main Result 2020) का रिजल्ट शुक्रवार को घोषित हो सकता है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस मुख्य परीक्षा के रिजल्ट का ऐलान करेगी. सितम्बर और जनवरी के लिए ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी. साल में दो बार होने वाली इस परीक्षा का रिजल्ट JEE की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट किया जाएगा. अभ्यर्थी JEE के अपने मुख्य लोग इन (Login) से रिजल्ट के लिंक पर जाकर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे.

परसेंटेज और पर्सेंटाइल में फर्क
परसेंटेज का साधारण फ़ॉर्मूला है. 100 में से जितने अंक प्राप्त किये उसे परसेंटेज कहते हैं लेकिन पर्सेंटाइल इससे अलग है. पर्सेंटाइल में JEE या बोर्ड में प्राप्त परसेंट अंकों के नीचे जितने अभ्यर्थियों के परसेंट आए हों उन्हें 100 से गुणा कर परीक्षा में बैठे कुल अभ्यर्थियों का भाग दिया जाता है. उदाहरण के लिए अगर किसी छात्र ने बोर्ड या JEE में 50 परसेंट अंक प्राप्त किये हैं और कुल 5000 में से 4000 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे. अब 50 फीसदी से नीचे अंक 2000 छात्रों को मिले हैं, तो इसका पर्सेंटाइल ऐसे होगा:

बोर्ड में 50 परसेंट अंकों के लिए पर्सेंटाइल = (2000×100)/4000= 50अब 50 पर्सेंटाइल आया है क्योंकि यह प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में होने वाले पेपर को ध्यान में रखते हुए अपनाई जाती है. किसी चरण में पेपर ज्यादा कठिन होता है और किसी चरण में सरल होता है इसलिए पर्सेंटाइल निकालकर रैंक दी जाती है. इसके बाद NITs, IIITs and CFTIs में कॉलेज मिलती है. सभी 7 सेशन के पर्सेंटाइल स्कोर को 7 डेसीमल स्थानों तक कैलक्यूलेट किया जाता है इसके बाद फाइनल मेरिट बनती है. यही नॉर्मलाइजेशन भी होता है.

एडमिशन क्राइटीरिया (Admission Criteria)
पहले बारहवीं की परीक्षा में 75 फीसदी मार्क्स और क्वालिफाइंग परीक्षा में टॉप 20  पर्सेंटाइल रैंक वालों को आईआईटी एडमिशन का क्राइटेरिया माना जाता था. इस बार कोरोना के कारण बारहवीं की परीक्षाएं कई जगह रद्द हुई हैं इसलिए इस बार कम से कम 75 फीसदी मार्क्स का नियम हटा दिया गया है. JEE मैन्स में 250000 रैंक तक वाले सभी स्टूडेंट्स JEE अडवांस के लिए पात्र होंगे.

सीट अलॉटमेंट प्रोसेस (Seat Allotment Process)
स्टूडेंट्स को JEE अडवांस के लिए रजिस्टर करने के बाद अपनी चोइस (Choice) भरनी होगी. इसके बाद ऑनलाइन JEE अडवांस सीट अलॉटमेंट होगा. छात्रों को रिपोर्टिंग करनी होगी और प्रोविजनल एडमिशन होगा.


hindi.news18.com

Leave a Comment