नागरिकता बिल (CAB) पर बौखलाए इमरान खान मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर साधा निशाना

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा है। इमरान ने आरोप लगाया कि यह बिल दोनों देशों के बीच हुए समझौते के खिलाफ है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर लिखा है, “भारतीय लोकसभा द्वारा जो नागरिकता बिल पास किया गया है, उसका विरोध करते हैं। यह कानून पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय समझौते और मानवाधिकार कानून का उल्लंघन करता है। यह RSS के हिंदू राष्ट्र का एजेंडा है जिसे अब फासीवादी मोदी सरकार लागू कर रही है।”

अब इमरान खान अपने ट्वीट के लिए ट्रोल भी हो रहे हैं। ट्विटर यूजर उन्हें तरह-तरह के सुझाव के साथ ही आपत्तिजनक बातें भी कर रहे हैं। इमरान खान द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक को पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन बताने पर निशाना साधते हुए यशवंत देशमुख ने लिखा, “भाई कंफर्म करो, वापस आने का मूड तो नहीं बन गया है खान साहब का? आश्चर्य होगा कि अगर वे “अखंड भारत” की अवधारणा को RSS की तुलना से अधिक गंभीरता से ले रहे हैं।” बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने इमरान ख़ान को ट्वीट कर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि, “भारत में डर महसूस करने वालों के लिए पाकिस्तान को भी इसी तरह का बिल लाना चाहिए।” वही एक यूजर ने उन्हें, “अपने देश में हो रहे जबरन धर्मांतरण को रोकने और इंसानियत बचाने की सलाह दी।”

वही प्रतिक जैन नाम के एक यूजर ने लिखा, “जब-जब भारत में ऐतिहासिक बिल पास होता है पाकिस्तान जरूर रोता है, यानि सही हुआ है।” एक अन्य यूजर में लिखा, “अरे बेवकूफ, अगर तुम लोग अपने अल्पसंख्यकों को ठीक से रखते तो ये बिल की जरूरत ही नहीं पड़ती।” एक ने उन्हें दाऊद इब्राहिम और मूल्ला उमर के परिवार को संभालने के साथ ही रोटी-नान और टमाटर के बारे में चिंता करने के लिए कहा। उनका कहना है कि अगर वह ऐसा नहीं करेंगे तो पाकिस्तान में अगला युद्ध रोटी के लिए होगा।

इसके अलावा एक यूजर ने लिखा, “इंडिया में कुछ भी होता है इनकी चलती जरूर है।” इमरान खान ने पाकिस्तान के विदेश कार्यालय में अपने बयान में कहा कि, “भारत का यह नवीनतम कानून धर्म और विश्वास पर आधारित है। यह कानून अंतरराष्ट्रीय कानून एवं मानवाधिकारों का सरासर उल्लंघन है। पाकिस्तान ने कहा कि इस कानून ने एक बार फिर भारत में धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के दावों के खोखलेपन को उजागर किया है। लोकसभा द्वारा पारित बिल नागरिकता से जुड़े संशोधित बिल में पाकिस्तान और दो अन्य एशियाई देशों के मुस्लिमों को छोड़कर सभी वर्गों के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है। यह धर्म के आधार पर भेदभाव का विरोध करने वाले तमाम अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन है।

बता दे,भारत सरकार जो नागरिकता संशोधन बिल लाई है,उसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, बौद्ध, पारसी, जैन, सिख, ईसाई शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने में आसानी होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश कानूनन इस्लामी देश है। वहां के मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं है। इसलिए उन्हें इस बिल में शामिल नहीं किया गया है। नागरिकता संशोधन बिल से पहले भारत की संसद में अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला किया था। तब भी पाकिस्तान को आपत्ति हुई थी। पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 के मसले को अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र तक उठाया था। हालांकि कूटनीतिक मोर्चे पर पाकिस्तान को हर जगह मुंह की खानी पड़ी थी।

Leave a Comment