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गांगुली ने दिए संकेत, यह भारतीय दिग्गज बन सकता है टीम इंडिया का मुख्य चयनकर्ता

BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने यह भी साफ कर दिया है कि टीम इंडिया को चुनने का अधिकार पाने के लिए अब सिर्फ भारत के लिए खेलना ही काफी नहीं है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति की नियुक्ति कर दी है। जिसमें पूर्व क्रिकेटर मदनलाल और सुलक्षणा नाइक के अलावा RP सिंह को शामिल किया गया है। CAC समिति का सबसे पहला काम सीनियर चयन समिति में कार्यकाल पूरा कर चुके दो सदस्यों की जगह लेने वाले चयनकर्ताओं को चुनना होगा। CAC को चयन समिति के निवर्तमान अध्यक्ष SSK प्रसाद और गगन खोड़ा के विकल्प तलाशना होगा।

चैनल से बात करते हुए गांगुली ने कहा कि 5 लोगों की समिति का अध्यक्ष वही होगा, जिसने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हों। अब पिछली बार की तरह नहीं होगा कि केवल भारत का नेतृत्व भर करने से ही कोई खिलाड़ी चेयरमैन बन जाएगा। भारतीय टीम चुनने का अधिकार किसे मिलेगा इसके संकेत BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने दे दिए हैं।

गांगुली ने बताया कि अगर प्रसाद (33 टेस्ट) और अगरकर (26 टेस्ट) शॉर्टलिस्ट होते हैं तो दोनों के पास बराबर का मौका होगा। हालांकि प्रसाद के पास करीब डेढ़ साल का जूनियर चयनकर्ता समिति का अनुभव है और BCCI संविधान के अनुसार एक कानूनी मसला यह है कि वह पूरे 4 साल के कार्यकाल के लिए योग्य नहीं है। चयनकर्ता का चुनाव CAC करेगी जिन्हें BCCI संविधान के अनुसार अपना कार्य करना अनिवार्य होगा।

BCCI संविधान की एक शर्त को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। शर्त के अनुसार कमेटी के सदस्यों में सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी को समिति का चेयरमैन चुना जाएगा। खाली पदों के लिए पूर्व क्रिकेटरों जैसे अजीत अगरकर, लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन, वेंकटेश प्रसाद, राजेश चौहान, नयन मोंगिया, चेतन चौहान, निखिल चोपड़ा और अभय कुरुविला जैसे खिलाड़ियों ने आवेदन किया है।

CAC का कार्यकाल 1 साल का है, हालांकि इनका कोई चेयरमैन नहीं है। मगर 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य मदनलाल सबसे अनुभवी सदस्य हैं। 68 साल के मदनलाल ने 1974 से 1987 के बीच 39 टेस्ट मैच और 67 वनडे मैच खेले हैं। 1996-1997 तक वह टीम इंडिया के कोच भी रहे थे और बाद में चयनकर्ता समिति में रहे थे।

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