ट्रेन में जाते वक्त कमर में लगी गोली,एक साल तक खड़े भी नहीं हो पाए, फिर भारत को ऐसे बनाया चैंपियन

संदीप का जीवन बहुत चुनौतीपूर्ण रहा, पर उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने मेहनत के दम पर भारतीय टीम तक का सफर तय किया। संदीप विश्वकप में हिस्सा लेने के लिए कालका शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। यहां से उन्हें अपने साथियों के साथ जर्मनी जाना था। इस समय उनकी किस्मत ने इनका साथ छोड़ दिया। दुर्भाग्यवश सीआरपी के एक जवान की बंदूक से गोली चल गई और संदीप सिंह के कमर के निचले हिस्से में लगी। इससे उन्हें एक साल तक अस्पताल में ही रहना पड़ा। संदीप चोट से जूझ रहे थे उधर भारतीय टीम के हाल बेहाल थे।

2008 में पहली भारतीय टीम ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए थे। इस घटना के बाद संदीप का केरियर लगभग समाप्त माना जा रहा था। पर संदीप ने इस घटना पर भी पार पाया और भारतीय हॉकी मैं अपनी अमिट छाप छोड़ी। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में जन्मे संदीप सिंह ने सालों तक भारतीय हॉकी टीम की सेवा की।

कोच से परेशान होकर छोड़ना चाहते थे हाॅकी
संदीप अपने कोच करतार सिंह से काफी परेशान हो गए थे और उन्होंने हॉकी छोड़ने का मन बना लिया था। इस विकट परिस्थिति में उनके भाई विक्रम सिंह ने उनका साथ दिया और कठिन परिश्रम के दम पर संदीप सिंह धीरे-धीरे भारतीय हॉकी में उभरने लगे। “संदीप सुल्तान अजलान शाह हॉकी टूर्नामेंट” के लिए भारतीय टीम का हिस्सा बने। मुसीबत से कहां निजात मिल पा रही थी यहां भी उनका इंतजार कर रही थी। हॉकी टीम इस टूर्नामेंट में आखिरी स्थान पर रही थी और संदीप सिंह का प्रदर्शन भी बहुत अच्छा नहीं था।

2009 में संदीप सिंह ने की वापसी
2009 के अंत तक संदीप सिंह 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ड्रैग फ्लिक करने लगे। अपने दमदार प्रदर्शन से ड्रैग फ्लिक कर रहे संदीप ने एक बार फिर भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी की। संदीप सिंह ने ड्रैग फ्लिक की वजह से “फ्लिकर सिंह” के नाम से भी पहचान बनाई। संदीप को 2009 के “सुल्तान अजलान शाह टूर्नामेंट” में टीम की कप्तानी भी मिली। सुल्तान सिंह की कप्तानी में भारत ने चौथी बार यह खिताब अपने नाम किया। संदीप के जीवन को लेकर 2018 में “सूरमा” फिल्म भी बनी।

राजनीतिक सफर
हॉकी के मैदान के बाद राजनीति के अखाड़े में भी संदीप ने किसी को निराश नहीं किया और 5314 वोटों से शानदार जीत हासिल की। 2019 में लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें हरियाणा की पिहोवा विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया था। हरियाणा कैबिनेट विस्तार में हाॅकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह को राज्य मंत्री बनाया गया है।

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