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महिला अतिथि विद्वान ने मुंडवाया सिर राहुल गांधी को भेजेंगे केश, वचन की दिलाई याद

भोपाल में बीते 72 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे अतिथि विद्वानों के लिए बुधवार का दिन बेहद भावुक करने वाला था। बुधवार दोपहर को धरना दे रही एक महिला अतिथि विद्वान ने अपने केस त्यागते हुए सार्वजनिक रूप से खुद का मुंडन करवा लिया। मुंडन करवाने वाली महिला अतिथि विद्वान का नाम डॉक्टर शाहिन खान है।

मुंडन करवाने के बाद शाहिन खान भावुक हो गईं और कहा कि चुनाव के बाद अतिथि विद्वानों से कांग्रेस ने वादा किया था कि सरकार बनने पर हमारी मांगों को पूरा किया जाएगा।हमने साल भर तक इंतजार किया और उसके बाद ही हमने जब आंदोलन शुरू किया तो अतिथि विद्वानों को फालेन आउट नोटिस मिलना शुरू हो गए।हम यहां 2 महीने से ठंड में धरना दे रहे हैं। लेकिन सरकार ने हमारी कोई सुध नहीं ली। हमने बच्चों को पढ़ा कर उनका भविष्य बनाया। लेकिन अब खुद हमारा भविष्य अंधकारमय है। इस लिए यहां से लिखित ऑर्डर मिलने तक हम नहीं उठेंगे।

वहीं, महिला अतिथि विद्वान के मुंडन करवाने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर ट्वीट कर निशाना साधा है। शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ का फरवरी 2018 का एक पुराना ट्वीट शेयर करते हुए लिखा है कि मुख्यमंत्री जी, आज भी केश नारी के सम्मान का प्रतीक है। अतिथि विद्वान बहनों ने आपकी सोती हुई सरकार को नींद से जगाने के लिएअपने केश त्यागे, क्या आज आपको उनकी पीड़ा का अंदाजा है? क्या आपकी नजर में आज प्रदेश शर्मसार हुआ? क्या उनके भले के लिए आप कोई कदम उठाएंगे?

वहीं, अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष देवराज सिंह ने कहा कि इससे दुखदाई दिन अतिथि, विद्वानों के लिए नहीं हो सकता। क्योंकि एक महिला ने अपने केश त्याग दिए। डॉ शाहीन ने जो बाल मुंडवाए हैं उसे हम राहुल गांधी के पास भेजेंगे ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके लिए दिए गए वचन का यहां पालन नहीं हो रहा है।

दरअसल, जब शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे तब कमलनाथ ने महिला अतिथि विद्वान के मुंडन कराने पर शिवराज को घेरते हुए इसे दिल को झकझोरने वाली घटना कहा था। बता दे कि अपने नियमितीकरण की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के अतिथि विद्वान 2 दिसंबर 2019 से आंदोलन कर रहे हैं जो आज तक जारी है। आंदोलन को लगभग 72 दिन हो गए हैं। यहां शाहजनी पार्क में अन्य अतिथि विद्वान के साथ नियमित किए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी है। अपना सिर मुंडवाने से पहले शाहीन ने कहा कि 72 दिनों के धरने के बाद भी राज्य सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी है और ना ही हम से बात की है। उन्होंने बताया कि कुछ अतिथि विद्वान खराब वित्तीय हालत के चलते आत्महत्या कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि शिक्षिका ने जो बाल मुंडवाए हैं उन्हें वे राहलु गांधी को भेजेंगे ताकि पता चल सके उनके दिए वचन का पालन नहीं हो रहा है।

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