खुदाई में मिले शिवलिंग को इंजीनियर ने गुस्से में किया खंडित, कुछ देर बाद छटपटा कर गई जान

दुनिया में आए दिन तरह-तरह की खबरें सुनने को मिलती रहती है। जिन पर कभी-कभी यकीन करना भी मुश्किल हो जाता है। हमारे भूतकाल में ऐसी बहुत सी घटनाएं घटित हुई हैं। जो आज भी इंसान के जेहन में ताजा बनी हुई हैं। जिसके पीछे कोई कारण बता पाना भी मुश्किल है। ऐसी ही आज एक घटना के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जो झारखंड में घटी और 150 साल पुरानी है।

खुदाई में मिला शिवलिंग
झारखंड में घटी इस वाक्ये के बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ था? जिसका खौफ आज भी लोगों के दिलों दिमाग पर बरकरार है। सबसे पहले बता दे, देश में अंग्रेजों का शासन था। वे झारखंड में रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहे थे। काम करते समय जमीन की खुदाई की जा रही थी और इस दौरान मजदूरों को एक शिवलिंग दिखा। सभी मजदूर शिवलिंग को देख कर चौक गए और मजदूरों ने काम रोक दिया। लेकिन तभी वहां कुछ ऐसा हुआ जो नहीं होना चाहिये था।

गुस्से में किया फावड़े से बार
मजदूरों ने जब शिवलिंग के बारे में ब्रिटिश इंजीनियर रोबोट हेनरी को यह बात बताई तो हेनरी ने मजदूरों से वहां और खुदाई करने को कहा।। खुदाई करते-करते उन्होंने मजदूरों से फावड़ा ले लिया और उस शिवलिंग को खंडित कर दिया।

आखिरकार भगवान शिव ने दिखाया प्रकोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि, “इंजीनियर को काफी समझाया लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था और आखिरकार लोगों की बात टाल कर उसने वही किया जो उसे करना था। उसने भगवान के शिवलिंग पर फावड़े से वार कर दिया। सबसे विशेष बात यह थी कि इस घटना के कुछ समय बाद ही इंजीनियर की जान चली गई। इतना ही नहीं बल्कि वहां मौजूद मशीन भी कुछ देर बाद बंद हो गई।” विज्ञान को ताक पर रख देने वाली घटना के बाद सरकार को मजबूरन उस रेलवे रूट को बदलवाना पड़ा। आगे चलकर वहां मंदिर बना दिया जिसकी आज भी आराधना होती है। इस मंदिर का नाम “महादेवशाल धाम” है। जो झारखंड के गोइलकेरा गांव में स्थित है।

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