सोमनाथ मंदिर में दादा ने दिया योगदान अब पोता करेगा राम मंदिर का निर्माण, रोचक तथ्य

श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ ट्रस्ट में आर्किटेक्ट विशेषज्ञ के रूप में गुजरात के चंद्रकांत भाई सोमपुरा को शामिल किया गया है। सोमपुरा वही व्यक्ति है, जिन्होंने 33 साल पहले ही विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के लिए राम मंदिर का मॉडल तैयार किया था। इन्हीं के नेतृत्व में अयोध्या में न्यास के पास काम भी चल रहा है। गौरतलब है कि श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट में दो लोगों की नियुक्ति ट्रस्ट को करनी है। जिनमें से एक आर्किटेक्ट होंगे और दूसरा ट्रस्ट का कामकाज अध्यक्ष के. परसरन की देखरेख में करेंगे।

विहिप के अनुसार राम मंदिर का डिजाइन 6 बार तैयार किया गया था ।30 साल पहले विहिप के तत्कालीन अध्यक्ष अशोक सिंघल ने ही मंदिर का मॉडल बनाने के लिए सोमपुरा को कहा था। उसी वक्त मंदिर के मॉडल और पत्थर तराशने का काम शुरू हुआ था। मंदिर का डिजाइन। तैयार करने में 6 महीने लगे। 6 बार अलग-अलग डिजाइन तैयार किए गए। इसके बाद सिंगल और उनकी टीम को नागर शैली में बना डिजाइन पसंद आया।

विहिप ने 30 साल पहले गुजरात के चंद्रकांत भाई सोमपुरा से राम मंदिर का मॉडल बनवाया था। विहिप ने बुधवार को ही दावा किया था कि मंदिर निर्माण के लिए 60% काम पूरा हो गया है और 2024-25 तक मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार विहिप के मॉडल के अनुसार राम मंदिर का निर्माण होगा। ऐसे में चंद्रकांत सोमपुरा ही मंदिर निर्माण का काम काज कराएंगे। ध्यान रहे कि चंद्रकांत के दादा ने ही गुजरात में सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया था। सोमनाथ परिवार पिढ़ियों से मंदिर निर्माण के काम में ही लगा हुआ है।

विहिप ने कहा कि मंदिर निर्माण का शिलान्यास कार्यक्रम नवंबर 1989 में हो चुका है।विहिप के अनुसार मंदिर पर के गर्भ गृह में पूजा होगी और फिर निर्माण काम शुरू हो जाएगा। विहिप ने यह भीकहा कि मंदिर निर्माण का शिलान्यास कार्यक्रम नवंबर 1989 में हो चुका है। ऐसे में इस बार शिलान्यास कार्यक्रम नहीं होगा। राम मंदिर आंदोलन में मारे गए लोगों की याद में एक ढांचा बनाएं जाने की योजना है। इस पर ट्रस्ट के सदस्य विचार करेंगे।

गौरतलब है कि भारत में मंदिर तीन शैलियों में ही बनते हैं। नागर द्रविड़ और बैसर शैली। राम मंदिर नागर शैली में बनाया जाएगा। यह उत्तर भारत में प्रचलित है। इस शैली के मंदिरों की विशेषता है कि यह आधार से शिखर तक चतुष्कोणीय ही होते हैं। राम मंदिर का डिजाइन खास है। इसकी परिक्रमा वृत्ताकार होगी, जबकि गर्भ ग्रह अष्टकोणीय होगा। दो मंजिला मंदिर में भूतल पर मंदिर और ऊपरी मंजिल पर राम दरबार होगा। इनके खंभों पर देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी जाएगी। राम मंदिर में लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। विहिप के मॉडल के मुताबिक मंदिर की चौड़ाई 150 फीट, लंबाई 270 और गुंबद की ऊंचाई 270 फीट होगी।

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