“राजस्थान के बाद अरुणाचल में भी हुई BJP की बम्पर जीत” Congress बुरी तरह हारी

देश में किसान आंदोलन चल रहा है इसी बिच राजस्थान के बाद अरुणाचल में भी किसानो के बीजेपी में विश्वास दिखाया। बीजेपी को अरुणाचल प्रदेश के पंचायत चुनाव में जित मिली है इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी। उन्होंने कहा की राजस्थान में जनता ने मोदी सरकार के कार्यो को सराहा और बड़े अंतर से विजयी बनाया। कांग्रेस के कई बड़े नेता यहाँ तक की प्रदेश अध्यक्ष भी अपने गृह क्षेत्र की सीट नहीं बचा पाए। सचिन पायलट उनके गृह क्षेत्र टोंक की जिला परिषद भी नहीं बचा पाए और बीजेपी ने बड़े नतर से विजय प्राप्त की। वही अरुणाचल प्रदेश में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है जिसमे 326 जिला परिषद और 1836 पंचायत समिति पर विजय प्राप्त हुई है। इसमें 96 जिला परिषद् तो ऐसी है जो निर्विरोध आई है वही 5410 ग्राम पंचायत निर्विरोध रही।

प्रकाश जावड़ेकर ने राजस्थान में प्राप्त नतीजों को लेकर कहा की ये नतीजे किसानों का मोदी सरकार की किसान नीतियों को समर्थन है। बीजेपी ने जिला परिषद और पंचायत समिति में अकल्पनीय विजय प्राप्त की है। अरुणाचल प्रदेश के गावों के ढाई करोड़ मतदाता थे और उनके भाजपा में विश्वास का ये फैसला रहा। जिला परिषद चुनाव में 636 सीटों पर चुनाव सम्पन्न हुए थे जिनमे से 353 के परिणाम भाजपा के पक्ष में आये। ग्राम पंचायत के चुनाव में 4371 सीटों पर चुनाव हुए जिसमे से 1990 सीटों के परिणाम भाजपा के पक्ष में आये। प्रकाश जावड़ेकर ने बताया की राजस्थान में भाजपा को विजय प्राप्त हुई वह अद्भुत है भाजपा ने 21 में से 14 सेटों पर जित दर्ज की है। वही ब्लॉक पंचायत की 222 सीटों पर चुनाव हुए और 93 भाजपा के पक्ष में आयी।

किसान नए कृषि कानूनों के पक्ष में

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा की अमूमन होता यही है की प्रदेश में जिसकी सरकार होती है पंचायत चुनावो में जीत भी उसी की होती है। परन्तु इस बार राजस्थान में परिणाम अद्भुत रहे और जनता ने कांग्रेस की गेहलोत सरकार पर विश्वास नहीं दिखाया। इन चुनावों में कांग्रेस ने अपनी साख बचने के लिए परिसीमन किया पैसों का प्रलोभन भी दिया परंतु मतदाताओं ने मोदी सरकार में विश्वास दिखाया। ग्राम ईस्टर के चुनावों में प्रायः किसान ही मतदाता होते है जो की ढाई करोड़ किसान थे। सभी ने भाजपा को ही समर्थन दिया। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि राजश्थान का किसान वर्ग मोदी सरकार के कृषि नियमो में किये सुधर के पक्ष में है और वो नए कृषि कानूनों का समर्थन करते है।

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