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Bihar: राजनीतिक दलों के सामने बड़ी चुनौती,100 में से सिर्फ 59 के पास स्‍मार्टफोन, कैसे सफल होगी Virtual रैली? Patna News in Hindi

ट्राई की रिपोर्ट पिछले साल आई थी.

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है और वर्चुअल रैली (Virtual Rally) के जरिए मतदाताओं पर डोरे डाल रही हैं. जबकि ट्राई की रिपोर्ट कुछ और ही खुलासे कर रही है.

पटना. कोरोना काल में बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर सभी पार्टियां वर्चुअल रैली (Virtual Rally) के जरिए वोटरों को लुभाने की कोशिश में तो जुटी हैं, लेकिन ट्राई की रिपोर्ट ( TRAI Report) में खुलासा हुआ है कि वर्चुअल से वोटर कितने दूर हैं. ट्राई के 2019 के आंकड़े बताते हैं कि मोबाइल फोन उपभोक्ताओं और इंटरनेट कनेक्टिविटी के मामले में बिहार फिसड्डी है और यहां प्रति 100 लोगों में महज 59 लोगों के पास ही फोन कनेक्टिविटी है. जबकि राष्ट्रीय औसत दर 89 है.

रिपोर्ट हुआ एक और चौंकाने वाला खुलासा
यही नहीं, ट्राई की इस रिपोर्ट में से भी सामने आया है कि 100 लोगों में इंटरनेट के महज 32 ग्राहक हैं. जबकि राष्ट्रीय औसत 54 ग्राहक का है. बहरहाल, शहरी आबादी की हालत तो आपने देख ली है, लेकिन अब ग्रामीण इलाकों की रिपोर्ट भी देखिए. बिहार के ग्रामीण इलाकों में 89 फीसदी लोग रहते हैं. जबकि रिपोर्ट बताती है कि प्रति सैकड़ा 22 लोग ही इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं.वहीं, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की मानें तो बिहार की 61 फीसदी महिलाएं और 36 फीसदी पुरुष टीवी से दूर हैं.

आरजेडी और भाजपा ने कही ये बातट्राई की रिपोर्ट के बाद आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि हमारी पार्टी कभी वर्चुअल के समर्थन में नहीं रही और आरजेडी ने बतौर चुनाव आयोग को भी पूरी परिस्थितियों से अवगत कराया था. साथ ही कहा था कि वर्चुअल माध्यम पर रोक लगे, क्योंकि इससे ज्यादातर लोग मताधिकार से भी वंचित हो जाएंगे. जबकि बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने वर्चुअल को सफल बताते हुए कहा कि बीजेपी को अपने अनुभव के आधार पर ऑनलाइन और वर्चुअल में सफलता मिल रही है, क्योंकि ये भी एक मॉडल है. प्रवक्ता के मुताबिक,जहां मोबाइल फोन नहीं है वहां बीजेपी के कार्यकर्ता टेलीविजन और ब्लूटूथ के माध्यम से वोटरों को जोड़ रहे हैं और बीजेपी के सभी कार्यकर्ता न सिर्फ मोबाइल से लैस हैं बल्कि संगठन ने बूथ स्तर तक सप्तऋषि का भी गठन किया है, इसीलिए बीजेपी के लिए वर्चुअल कोई चुनौती नहीं है.


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