राम नगरी अयोध्या में अब वो होगा जो पहले कभी नहीं हुआ, इस तरह बदल जाएगी पूरी अयोध्या

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर बनाने की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है। राम मंदिर के अलावा अयोध्या में करोड़ों रुपए की पर्यटन परियोजना शुरू होंगी। अयोध्या के मैयर ऋषिकेश उपाध्याय के अनुसार इस प्राचीन शहर को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। स्टेशन से लेकर फाइव स्टार होटल तक सूरत बदलने वाली है।

यूपी का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र हो सकता है अयोध्या
राज्य सरकार अयोध्या के संपूर्ण विकल्प के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तर्ज पर अयोध्या तीर्थ विकास बोर्ड बनाएगी। इस संबंध में पर्यटन विभाग ने काम शुरू कर दिया है। अयोध्या के सुनियोजित विकास के लिए फिर से मास्टर प्लान बनेगा अभी यहां केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना और राज्य सेक्टर की कई परियोजनाएं चल रही हैैं। बोर्ड के गठन के बाद अयोध्या के समग्र विकास का खाका खींचा जाएगा। भव्य राम मंदिर के अलावा यहां जल्दी करोड़ों की पर्यटन परियोजनाएं भी शुरू होंगी, ताकि अयोध्या का कायाकल्प हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बोर्ड के गठन की घोषणा की इसके तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, आदि को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। अयोध्या में पहले से ही अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है। सरकार की योजना अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की है।

क्रूज और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
अयोध्या में श्रीराम हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। अयोध्या से कोलकाता तक क्रुज का संचालन होगा। इसके लिए अयोध्या में सरयू नदी और वाराणसी में गंगा नदी को क्रुज से जोड़ा जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग सारी औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। ताकि अयोध्या का दीदार करने वालों को रामराज की अवधारणा का एहसास हो सके।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल्स
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव के मुताबिक अयोध्या विवाद की वजह से यहां के 10 बड़े प्रोजेक्ट पंजीकरण के बाद से अटके थे अब इन्हें गति मिलेगी। राजसदन को 5 करोड़ से अधिक खर्च करके हेरिटेज होटल बनाया जाएगा। फैजाबाद शहर में कोहिनूर पैलेस को भी हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 10 करोड की लागत से करीब 8 होटल और रिजॉर्ट्स बनाने की भी योजना है।

श्राइन बोर्ड की तर्ज पर बनेगा ट्रस्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार को ट्रस्ट बनाने की तैयारी में जुटी है वह वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से मिलता-जुलता हो सकता है। विहिप ने अपने कई वर्ष पहले ही ट्रस्ट को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद इस मॉडल को भी सबसे बेहतर पाया गया था। विभिन्न ट्रस्टों के अध्ययन के बाद श्रद्धालुओं और संचालन के लिहाज से वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ट्रस्ट को ही सबसे उपयुक्त पाया। विहिप ने स्पष्ट कर कहा है कि उसे चढा़वे आदि से मतलब नहीं है। विहिप के संगठन मंत्री व रामलला विराजमान के सखा त्रिलोकी नाथ पांडे बताते हैं कि संगठन में सोमनाथ मंदिर, तिरुपति बालाजी देवस्थान वैष्णो देवी सहित देश के तमाम मॉडलों पर चर्चा हो चुकी है।

घाटों का पहले से विकास
सीएम योगी ने राम की पैड़ी और अयोध्या के घाट आदि के विकास के लिए करीब 600 करोड़ रूपए की राशि जमा कर दी है। इसके लिए वह आधुनिक बस अड्डा, क्लीन हो पार्क, राम कथा पार्क समेत शहर में लाइटिंग आदि की तैयारी पहले से चल रही है।

श्रद्धालुओं को उनके नाम की ईंट प्रस्तावित
श्रद्धालुओं को उनके नाम की ईंट राम मंदिर में लगाए जाने की सांत्वना दी जा रही है। श्रद्धालुओं से 100 से ₹5000 तक का दान लिया जा रहा है। राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने मामले को लेकर अधिकारियों को अवगत कराते हुए इन सभी समितियों की जांच कराने की बात कही है। राम जन्मभूमि निर्माण सेवा समिति को प्रस्तावित राम जन्मभूमि निर्माण को लेकर श्रद्धालुओं से दान ले रही है। बड़ी बात यह है कि इसके लिए देश ही नहीं बल्कि नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड और माॉरीशस जैसे देशों में राम भक्तों से दान प्राप्त करने के लिए शाखाएं खोल रखी है।

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