अयोध्या फैसला: मंदिर तो बहाना है सियासत जो चमकाना है!

अब साधु संतों के बीच टकराव शुरू हो गया है। ट्रस्ट पर “राम जन्मभूमि न्यास” ने आखिर दावा क्यों ठोक दिया है, अब यह साधु संतों की आपसी लड़ाई शुरू हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम कहने पर मजबूर है मंदिर तो बहाना है सियासत जो चमकाना है।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद केंद्र सरकार को 3 महीने के अंदर समिति का गठन करके ट्रस्ट बनाना है जिसमें रामलला और निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि को शामिल करने की सलाह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई है। लेकिन अयोध्या पर शुरू हुई इस असमंजस के बीच सरकार को गहरी चिंता करनी पड़ेगी जिसके लिए हम कहने पर मजबूर हो रहे हैं मंदिर तो बहाना है सियासत जो चमकाना है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि इसपर सरकार का रुख क्या होता है। ओर इसको लेकर सरकार क्या फैसला सुनाती है।

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