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बीजेपी को मात देने के लिए अरविंद केजरीवाल ने विधान सभा चुनाव के लिए प्रशांत किशोर से मिलाया हाथ

APP पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए देश के मशहूर पेशेवर राजनीतिक रणनीतिकार और जनता दल यूनाइटेड पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से हाथ मिलाया है। CM केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा, “यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमिटी अब हमारे साथ काम करेंगी। आपका स्वागत है।” प्रशांत किशोर की कंपनी इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमेटी ने भी इस बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है। दिल्ली विधानसभा के नजदीक आते ही चुनावी सरगर्मियां तेज होती जा रही है। विधानसभा चुनाव में बेहद कम वक्त रह गया है। इस बीच आम आदमी पार्टी का चुनाव प्रचार के लिए प्रशांत किशोर की कंपनी का साथ मिल गया है। अरविंद केजरीवाल ने 14 दिसंबर 2019 को ट्वीट कर यह जानकारी दी।

वैसे राजनीतिक तौर पर देखें तो प्रशांत किशोर जनता दल से ताल्लुक रखते हैं। राजनीति में आने से पहले 8 सालों तक यूनाइटेड नेशन के लिए भी काम कर चुके हैं। JDU से अलग उनकी पहचान राजनीतिक रणनीतिकार के बतौर पर भी है। गौरतलब है कि उनका पहला राजनीतिक अभियान वर्तमान PM और तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी के समर्थन में साल 2011 में रहा था। इस दौरान तत्कालीन CM मोदी ने तीसरी बार गुजरात में बड़ी चुनावी जीत हासिल की थी। वही प्रशांत किशोर के आम आदमी पार्टी के साथ जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी ने कहा, “प्रशांत किशोर जिसके साथ चाहे काम कर सकते हैं, लेकिन दिल्ली के लोगों को शीला दीक्षित के काम याद हैं, कांग्रेस दिल्ली में बहुत अच्छा करेगी।”

बता दे कि प्रशांत किशोर की कंपनी चुनाव के दौरान कई राजनीतिक दलों को प्रचार में सहयोग कर चुकी है। ज्यादातर मामलों में कंपनी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नरेंद्र मोदी के 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान और जीत के पीछे प्रशांत किशोर बड़े हीरो के रूप में उभरे थे। 2014 की भाजपा की जीत का श्रेय प्रशांत किशोर के कैंपेन को दिया जाता है। इसके साथ ही बिहार में महागठबंधन तेलंगाना TRS के लिए और हाल ही में महाराष्ट्र चुनाव में उद्धव ठाकरे के लिए चुनाव मैनेजमेंट किया था। बिहार मैं आज प्रशांत किशोर की मुलाकात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से होनी है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जेडीयू में प्रशांत किशोर का विरोध हो रहा है क्योंकि पार्टी की राय पार्टी से अलग है। आप ने 2014 में यहां की 70 विधानसभा सीटों में से संसद पर जीत दर्ज की थी। दिल्ली में विधानसभा चुनाव की जल्द घोषणा होनी है, क्योंकि 14 फरवरी 2020 तक चुनाव समाप्त होना जरूरी है। राजनीतिक रणनीतिकार और मौजूदा समय में जनता दल के प्रभावशाली नेता प्रशांत किशोर IPAC एडवोकेसी समूह चलाते हैं।

IPAC ने कहा, “पंजाब के नतीजों के बाद हमने पाया कि आप हमारे सामने अब तक के सबसे कठिन प्रतिद्वंदी रहे हैं। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के साथ काम करने में खुशी है।” किशोर ने 2017 में पंजाब और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर काम किया था। किशोर ने कांग्रेस की पंजाब में लगातार दो चुनावी हार के बाद वापसी की थी। मौजूदा समय में, किशोर और नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। जदयू केंद्र और बिहार में भाजपा की गठबंधन सहयोगी भी है। बिहार सरकार के सूचना और प्रसारण जनसंपर्क विभाग के मंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को सलाह दी है कि वे भ्रम न पालें। वोट में गणित को देखें। नीतीश कुमार के नेतृत्व में जनादेश से स्पष्ट हो जाएगा।

गौर करें 2015 विधानसभा चुनाव (64.17 लाख) की तुलना में 2019 लोकसभा चुनाव (89.02 लाख) मैं जदयू के वोटों से 30% (24.85) का इजाफा हुआ था, ज्ञान वर्धन करें। नागरिकता बिल पर जदयू के स्टैंड से खफा प्रशांत किशोर ने बुधवार को ट्वीट कर कहा था कि नागरिक संशोधन बिल का समर्थन करने से पहले जेडीयू नेतृत्व को उन लोगों के बारे में सोचना चाहिए। जिन्होंने 2015 में उन पर विश्वास और भरोसा जताया था। हमें नहीं बोलना चाहिए कि 2015 की जीत के लिए पार्टी और उसके प्रबंधकों के पास जीत के बहुत रास्ते नहीं बचे थे। इस मुद्दे पर लगातार दो दिन ट्वीट कर अपनी आपत्ति जताने वाले किशोर का नाम लिए बिना नीरज ने इशारों- इशारों में जवाब दिया है। गुरुवार की सुबह अपने ट्वीट में कहा कि “नीतीश कुमार विचार और कर्म से धर्मनिरपेक्ष है। यह दर्पण की तरह साफ है। काम ही उनकी पहचान है।”

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