डिजाइनर ऑफ द ईयर 2019: राजस्थान की एक साधारण महिला रुमा देवी

संघर्षों से तप कर शिखर पर पहुंचने की रूमा देवी की कहानी बड़ी प्रेरणास्पद है। एक छोटी सी प्रेरणा किसी का जीवन बदल सकती है। बाड़मेर जिले की रहने वाली रूमा देवी जिन्होंने अपने डेढ़ साल के बेटे की मौत के बाद जीवन से हार नहीं मानी और सैकड़ों महिलाओं के लिए मिसाल बन गई। अपनी उपलब्धियों की बदौलत रूमा देवी को सिर्फ राष्ट्रपति अवार्ड ही नहीं मिला बल्कि वह कौन बनेगा करोड़पति में भी अपना भाग्य आजमा चुकी है।

पारिवारिक संघर्ष के बीच आठवीं तक पढ़ाई की और सिर्फ 17 साल की उम्र में शादी करनी पड़ी। लेकिन ससुराल में भी उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। लेकिन कहा जाता है कि जहां चाह वहां राह, रूमा देवी ने 75 गांवों की 22000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया। रूमा देवी का वह सफर जिससे हजारों महिलाएं प्रभावित हुई और जिंदगी को नई दिशा दी। रूमा देवी को हाल ही हस्तशिल्प में डिजाइनर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला है, इससे पहले महिला दिवस पर राष्ट्रपति ने नारी शक्ति का अवार्ड दिया था। कहते हैं अवार्ड तो अवार्ड है लेकिन सफर ही है जो दूसरों को प्रेरित करता है।

5 साल की उम्र में मां को खोने वाली रूमा देवी के पिता ने आगे चल कर दूसरी शादी कर ली रूमा का बचपन चाचा के पास ही बिता। संघर्ष ऐसा कि पानी भरने के लिए बैलगाड़ी से जाती थी। गरीबी पीछा नहीं छोड़ रही थी ससुराल में भी आर्थिक तंगी रूमा देवी ने सारी रुढियो को व लोगो के तानो को ठुकरा कर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास किया। 2006 में उन्होंने केवल 10 महिलाओं का ग्रुप बनाया और स्वयं सहायता ग्रुप के तौर पर काम करने लगी। उन्होंने सबसे पहले अपनी दादी से सीखी कशीदाकारी से काम शुरू किया, धागा, कपड़ा और प्लास्टिक के पैकेट खरीद कर कुशन और बैग बनाने का काम किया। जल्द ही उन्हें ग्राहक मिलने लगे धीरे-धीरे दूसरे गांव की महिलाओं को भी जोड़ना शुरु किया। इस बीच में ग्रामीण विकास चेतना संस्थान की अध्यक्ष बन गई। यह समूह तीन से दस हजार महीने कमा लेता है और यहीं से हस्तशिल्प कला को आगे बढ़ाया, जो मिसाल बन गया।

पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर स्थित बाड़मेर की रूमा देवी ने भारत के बहुत चर्चित टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में 12:30 लाख रुपए जीते। बाड़मेर के इतिहास में रूमा देवी पहली महिला है जिसने सदी के महानायक बिग बी अमिताभ बच्चन के बहुचर्चित शो कौन बनेगा करोड़पति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शो के दौरान रूमा देवी ने एप्लिक वर्क से बनी चादर अमिताभ बच्चन को भेंट की। रूमा देवी के कशीदाकारी के काम से महिलाओं को संबल मिल रहा है। एप्लिक के वर्क को देश-विदेश में पहचान मिल गई। रेतीले धोरों में अपनी मेहनत के दम पर हजारों महिलाओं के साथ कपड़े पर बारीक कारीगरी और रंगों का अद्भुत संयोजन की सफलता की नई इबारत लिखने वाली रूमा देवी ने बता दिया कि राजस्थान की बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है।

बाड़मेर की बेटी रूमा देवी को हस्तशिल्प के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए एक मिसाल माना जाता है। आज यह 22000 से ज्यादा महिलाओं का विशाल कारवां है और रूमा देवी ने साधारण कपड़ों पर अपनी कड़ी मेहनत से रंग-बिरंगे धागों से जो स्वर्णिम इमारत बनाई तो वह देश ही नहीं दुनिया पर छा गई। कपड़े पर बारीक कारीगरी और रंगों के अद्भुत संयोजन से रूमा देवी ने सात समंदर पार तक अपने काम की पहचान बनाई। वर्ष 2006 में महज 10 महिलाओं के साथ का सफर आज 22,000 महिलाओं के विशाल कारवा के रूप में दुनिया के सामने है।

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