Categories: देश

AK-203 rifle will be destroy terror, know 5 features | दुश्मनों हो जाओ सावधान! AK-203 रायफल से होगा विनाश, जानिए 5 खूबियां

नई दिल्ली: पिछले 70 वर्षों से एके 47 यानी ऑटोमैटिक Kalashnikov (कलाश्निकोव) दुनिया का सबसे जाना पहचाना हथियार है. एके सीरीज़ की राइफलें चलाने में आसान हैं. इसे तैयार और फायर करने में बहुत कम वक्त लगता है और सैंकड़ों मीटर दूर तक इसकी गोलियां घातक हमला करती हैं. आपको AK 203 की 5 खूबियों से रूबरू करवाते हैं.

खूबी नंबर 1). AK 203 पुरानी AK 47 का नया अवतार है. AK 47 का पूरा नाम Automatic Kalashnikov(कलाश्निकोव) 47 है, इस राइफल का निर्माण वर्ष 1947 में शुरु हुआ था. और इसका नाम Mikhail (मिखाइल) Kalashnikov (कलाश्निकोव) के नाम पर पड़ा था, जिन्होंने इस रायफल को डिज़ाइन किया था.

खूबी नंबर 2). रूस के साथ हुई डील के मुताबिक देश में 7 लाख 50 हज़ार रायफल बनाई जाएंगी. उत्तर प्रदेश के अमेठी में इसी साल AK 203 का उत्पादन शुरू हो जाएगा.

खूबी नंबर 3). हर मौसम में काम करना भी AK 203 की बड़ी खूबी है. ये रायफल सियाचिन की माइनस 35 डिग्री की ठंड, थार रेगिस्तान की धूल भरी हवा और North East की Non Stop बारिश वाले मौसम में भी, बिना रूके काम करेगी.

खूबी नंबर 4). AK 203 की गोलियां फायर करने की रफ्तार भी काफी तेज है. ये रायफल 60 सेकेंड में 600 गोलियां दाग सकती है. यानी एक सेकेंड में 10 गोलियां.. ऐसी घातक क्षमता का मुकाबला करना किसी के लिए भी आसान नहीं है.

खूबी नंबर 5). भारतीय सैनिक चौबीसों घंटे आतंकवादियों से लड़ने के लिए तैयार रहते हैं. इसलिए AK 203 रायफल में Night Vision यानी रात में देखने में मदद करने वाले उपकरण भी लगाए जा सकते हैं.

आपको बता दें, दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में AK सीरीज की रायफल इस्तेमाल की जाती है. अब भारत और रूस मिलकर उत्तर प्रदेश के अमेठी में एके सीरीज़ की सबसे आधुनिक राइफल बनाएंगे. Make In India के तहत यहां साढ़े सात लाख राइफलें बनाई जाएंगी.

फेडरल मिलिट्री Cooperation के डायरेक्टर दिमित्री सुगायेव ने ज़ी मीडिया से कहा कि “Kalashnikov से हमें ज्यादा सफलता मिली है, उम्मीद है कि हमें और ज्यादा सफलता मिलेगी और इसके लिए हम काम कर रहे हैं. Kalashnikov दूसरी रायफलों से अलग है. भारत ऐसा पहला देश है जिसके साथ मिलकर Kalashnikov रायफल बनाई जाएगी.”

Russia की स्पेशल फोर्सेज अपने मिशन को सौ फीसदी सटीकता के साथ पूरा करने के लिए इसी हथियार पर भरोसा करती है और अब भारतीय सेना भी शत्रुओं के खिलाफ इसी रायफल का इस्तेमाल करेगी.

इसे भी पढ़ें: भारत-रूस के बीच AK 203 की डील, Make In India के तहत बनेंगे साढ़े 7 लाख रायफल

zeenews.india.com

Leave a Comment