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NRC पर संसद में जोरदार हंगामा, सरकार के निर्णय पर अधीर बोले BJP वाले रावण की औलाद

लोकसभा में बजट सत्र काआज चौथा दिन है। ऐसे में संसद की दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। इससे पहले लोकसभा में पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह और चुन्नीलाल ठाकुर समेत कई पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि दी गई। जिसके बाद विपक्षी सांसदों की और से महात्मा गांधी पर BJP नेता आनंद हेगड़े की ओर से दिए गए बयान पर हंगामा होता रहा। सांसदों के शांत नहीं होने पर स्पीकर ने कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। जबकि राज्यसभा में भी हंगामा हुआ।

लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। विपक्षी सदस्यों की ओर से लगातार हंगामा होने के कारण 1 घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित किए जाने के बाद सदन की कार्यवाही 12बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 12 बजे से कार्यवाही फिर से शुरू हुई। वहीं, राज्यसभा में हुए हंगामे पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा, यह कोई बाजार नहीं है, यह संसद है। BJP नेता अनंत हेगड़े की महात्मा गांधी पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आज ये महात्मा गांधी को गाली देते हैं।

ये रावण की औलाद है। यह लोग राम के पुजारी का अपमान कर रहे हैं। संसद की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही हेगड़े की टिप्पणी को लेकर हंगामा हुआ। इसके चलते कार्यवाही को दोपहर तक स्थगित भी करना पड़ा। हेगड़े ने रविवार को कहा था कि महात्मा गांधी का स्वतंत्रता आंदोलन एक नाटक था। इस पर विपक्षी सांसदों ने “BJP पार्टी, गोडसे पार्टी” के पोस्टर लहराए। BJP सांसदों के विरोध जताने पर लोकसभा अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी द्वारा दिए गए बयान को निकाल दिया है।

राज्यसभा में निर्भया केस पर बोलते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली में 2012 में एक दिल दहलाने वाला कांड हुआ था। पूरा देश निर्भया को न्याय दिलाने को लेकर सड़क पर उतरा। लेकिन अब जो हो रहा है वह बेहद बुरा है। दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद भी उन्हें सजा नहीं दी गई। दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने निर्भया केस पर दोषियों की फांसी पर लटकाए जाने पर हुई देरी पर राज्य सरकार को दोषी माना। उन्होंने संजय सिंह के बयान के बाद कहा कि देश के लिए राज्य सरकार दोषी है। जावेडकर ने कहा कि जेल अधिकारियों को दोषियों को सूचित करने की प्रक्रिया को पूरा करने में 1 साल से अधिक समय लग गया, जबकि उसकी अपील को सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में खारिज कर दिया था। देरी के लिए राज्य सरकार दोषी है।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में दिए अपने लिखित जवाब में कहा है कि अब तक केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल रजिस्टर ऑफ इंडियन सिटीजन्स (NRIC) को लागू करने के लिए कोई फैसला नहीं लिया गया है।

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