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169 दिन बाद पटरी पर ऐसे दौड़ी दिल्ली मेट्रो, सफर करने वाले यात्रियों ने कही ये बात Delhi-Ncr News in Hindi

पहले दिन बहुत कम संख्या में यात्री पहुंचे.

कोविड-19 महामारी लॉकडाउन (Lockdown) के चलते 169 दिनों तक बंद रहने के बाद सोमवार को भले ही दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) सेवाएं चालू हो गईं, लेकिन आम दिनों की भीड़भाड़ के विपरीत राजीव चौक (Rajiv Chowk Metro Station) समेत विभिन्न प्लेटफार्म और स्टेशन सूने-सूने रहे.

नई दिल्ली. कोविड-19 महामारी लॉकडाउन (Lockdown) के चलते 169 दिनों तक बंद रहने के बाद सोमवार को भले ही दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) सेवाएं चालू हो गईं, लेकिन आम दिनों की भीड़भाड़ के विपरीत राजीव चौक (Rajiv Chowk Metro Station) समेत विभिन्न प्लेटफार्म और स्टेशन सूने-सूने रहे. मेट्रो के अंदर खान-पान की दुकानें भी बंद रहीं. स्टेशन के कर्मी बार-बार मेट्रो स्टेशन परिसरों को संक्रमण मुक्त करते एवं एक दूसरे के बीच दूरी सुनिश्चित करते नजर आए.

कैसा था राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का नजारा
वैसे भी पहले दिन बहुत कम संख्या में यात्री पहुंचे. राष्ट्रीय राजधानी में सबसे अधिक व्यस्त स्टेशनों में एक राजीव चौक खाली नजर आया. करीब नौ बजे राजीव चौक के व्यस्त प्रवेश द्वार पर महज कुछ अधिकारी मास्क और फेस शील्ड लगाए नजर आए. उनके हाथों में सेनेटाईजर थे ताकि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो. मेट्रो प्रवेश द्वार से आगे बढ़ने के बाद यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी.

सबसे अधिक व्यस्त स्टेशनों में एक राजीव चौक खाली नजर आया.

पहले दिन सफर करने वाले यात्रियों का अनुभव
छत्तरपुर से बाराखंभा पहुंचे इमरान खान ने कहा, ‘यह सफर आसान रहा और मेरे डिब्बे में बमुश्किल पांच से भी कम यात्री थे. ऐसे में डिब्बों के अंदर भी एक दूसरे से दूरी बनाने के लिए पर्याप्त जगह थी. मुझे खुशी है कि आखिरकार मेट्रो सेवाएं शुरू हो गईं अन्यथा मैं समय पर साक्षात्कार के लिए नहीं पहुंच पाता.’

सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर विशेष सतर्कता
दूसरे यात्री शास्त्री पार्क के विशाल नाईक को इस बात की राहत है कि वह अब समय से कनॉट प्लेस अपने कार्यालय पहुंच पाएगा. उसने कहा, ‘अब तक हर रोज मुझे कार्यालय पहुंचने में दो-तीन घंटे लग जाते हैं. मेरा आधा समय सफर में निकल जाता है. मुझे घर से कम से कम एक घंटा पहले निकलना पड़ता है और बस स्टैंड पर घंटे-घंटे भर इंतजार करना पड़ता है और यदि यात्री 20 से अधिक होते हैं तो मुझे अगली बस की बाट जोहनी पड़ती है, जो इस महामारी के दौरान उतना ही जोखिम भरा है.’

मेट्रो के अंदर ज्यातार सीट खाली ही रहा.

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येलो लाइन और ब्लू लाईन के बीच अदला-बदली सुविधा वाले राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर सुबह नौ से ग्यारह बजे के बीच बहुत कम भीड़ नजर आई. ट्रेन के कई डिब्बे तो खाली ही रहे या बमुश्किल से एक सवारी थी. कुछ डिब्बों में दस से कम यात्री थे. कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर केवल दो द्वार खुले थे. स्टेशन पर पहुंच रहे यात्रियों एवं उनके सामान को संक्रमण मुक्त किया जा रहा था. दिल्ली मेट्रो रेल निगम ‘क्या करें’ और ‘क्या नहीं करें’ की घोषणाएं कर रहा था. (भाषा)


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