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सीएम विजयन ने कोच्चि मेट्रो के पहले फेज के अंतिम निर्माण को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कोच्चि मेट्रो के अंतिम चरण के निर्माण की शुरूआत की.

कोच्चि मेट्रो (Kochi Metro) के पहले फेज का काम दो चरणों में पूरा किया जाना है. इसका पहले चरण का निर्माण (Construction) पूरा हो चुका है. जिसमें पलारिवत्तम से पथादिप्पलम के बीच 13 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया गया था. दूसरे चरण (Second stage) के निर्माण की शुरुआत सीएम विजयन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस (Video conference) के जरिए कर दी.

कोच्चि. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोच्चि मेट्रो के पहले फेज के अंतिम चरण के निर्माण का उद्घाटन किया. इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री एचएस पुरी भी मौजूद थे. बता दे कोच्चि मेट्रो का काम दो चरणों में पूरा किया जाना था. इसका पहले चरण का निर्माण पूरा हो चुका है. जिसमें पलारिवत्तम से पथादिप्पलम के बीच 13 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया गया था. इस ट्रैक पर प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में संचालन शुरू किया गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पलारिवत्तम से पथादिपल्लम स्टेशन तक मेट्रो में सफर भी किया था.

इस परियोजना के पहले चरण के सफलतापूर्वक संचालन के साथ ही. कोच्चि मेट्रो ट्रेन की सुविधा शुरू करने वाला देश का आठवां शहर बन गया था. इस परियोजना में केरल सरकार ने 23 ट्रांसजेंडर्स और एक हजार महिलाओं को नौकरी दी थी. ऐसा करने वाली कोच्चि मेट्रो देश की पहली सरकारी एजेंसी थी. जिसकी पूरे देश में सराहना की गई.

आपको बता दे कोच्चि मेट्रो के पहले फेज का प्रोजेक्ट 26 किलोमाीटर का था. जिसको दो चरणों में पूरा किया जाना था. पहले चरण के निर्माण के पूरा होने और उस पर सफलतापूर्वक मेट्रो के संचालन के बाद आज मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने निर्माण के दूसरे चरण की शुरुआत की है.

इस परियोजना की खासियत
मेट्रो के करीब चार हजार खंभों पर वर्टिकल गार्डन बनाने की भी योजना है. इनमें नगर निगम का रिसाइकिल्ड कचरा इस्तेमाल किया जाएगा. यात्रियों को हर स्टेशन पर आने-जाने के लिए मुफ्त साइकिल दी जाएगी, ताकि वह वाहन घर छोड़कर आएं.

यह देश का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट है, जो बिजली की एक चौथाई जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करेगा. सौर पैनलों से 2.3 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है. 4 मेगावॉट का प्लांट लगाने पर विचार चल रहा है. ऐसा हुआ तो जरूरत का आधा हिस्सा सौर ऊर्जा से मिलेगा.


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