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राफेल लड़ाकू विमानों की दूसरी खेप की डिलीवरी अगले महीने, फ्रांस से 36 विमानों की हुई है डील

अंबाला एयरबेस पर राफेल (फोटो- AIR FORCE)

Rafale Fighter Jets: पांच राफेल विमानों की पहली खेप 29 जुलाई को भारत पहुंची थी. इससे करीब चार साल पहले भारत ने फ्रांस के साथ 59,000 करोड़ रुपये की लागत से ऐसे 36 विमानों की खरीद के लिए समझौता किया था.

नई दिल्ली. वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन (China) से जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर है. भारत को फ्रांस से राफेल फाइटर विमानों (Rafale fighter jets) की दूसरे खेप अगले महीने तक मिलने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक भारत को दूसरी खेप में भी 4 से 5 राफेल सौंपे जा सकते है. बता दें कि पांच राफेल लड़ाकू विमानों को बृहस्पितवार को अंबाला में हुए शानदार समारोह में भारतीय वायु सेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया. ये भारत की वायु शक्ति की क्षमता को ऐसे समय में बढ़ा रहा है जब देश पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद में उलझा हुआ है.

अब तक 5 की डिलीवरी
पिछले दिनों दसॉल्ट एविएशन की तरफ से आधिकारिक तौर पर कहा गया था कि 10 राफेल विमान पूरी तरह से डिलीवरी के लिए तैयार है. 5 फाइटर जेट की पहले ही डिलीवरी हो चुकी है. जबकि 5 को भारतीय पायलटों की ट्रेनिग के लिए रखा गया है. बता दें कि भारत ने ट्रेनिंग के लिए अपने पायलट और क्रू मेंबर्स को अलग – अलग टुकड़ों में फ्रांस भेजा था. इसमें भारतीय वायुसेना के पायलट समेत इंजीनियर और टेक्नीशियन भी शामिल हैं. इन सभी की अलग अलग बैच में ट्रेनिंग हुई है. भारत का पहला बैच राफेल की ट्रेनिंग के लिए साल 2018 के सितंबर में गया था.

36 विमानों की खरीद के लिए समझौतापांच राफेल विमानों की पहली खेप 29 जुलाई को भारत पहुंची थी. इससे करीब चार साल पहले भारत ने फ्रांस के साथ 59,000 करोड़ रुपये की लागत से ऐसे 36 विमानों की खरीद के लिए समझौता किया था. सभी 36 विमानों की आपूर्ति 2021 के आखिर तक पूरी होनी निर्धारित है. राफेल को औपचारिक तौर पर वायु सेना में शामिल करने को लेकर अंबाला में हुए कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत और एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया और राफेल सौदे में शामिल फ्रांस की बड़ी रक्षा कंपनियों के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे.

राफेल  की खासियत
राफेल विमान कई शक्तिशाली हथियारों को साथ ले जा सकने में सक्षम है. नजर आने की रेंज से परे हवा से हवा में मार करने वाली (बीवीआरएएएम) यूरोपीय मिसाइल निर्माता एमबीडीए की मीटियोर मिसाइल और स्काल्प क्रूज मिसाइल राफेल विमानों के हथियार पैकेज का मुख्य आधार होगा. इन 36 राफेल विमानों में से 30 लड़ाकू विमान होंगे और छह ट्रेनिंग विमान.ट्रेनिंग विमानों में दो सीट होंगी और उनमें लड़ाकू विमान वाली लगभग सभी विशेषताएं होंगी. जहां राफेल विमानों का पहला बेड़ा अंबाला एयरबेस पर तैनात होगा वहीं दूसरा पश्चिम बंगाल के हसीमारा में तैनात किया जाएगा.


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